Computer system ka input unit kya hai | Computer system का input unit क्या है

Computer system ka input unit क्या है यह जानने से पहले हमें पता होना चाहिए system unit क्या होता है. इस article में एक साधारण PC में use किए जाने वाले inputs units के बारे में आपको detail में जानकारी प्रदान की जाएगी. Computer system ka input unit kya hai वो जानने से पहले हम System unit के बारे में संक्षेप में बात करते है.

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Computer system ka input unit kya hai |

सिस्टम यूनिट (The System Unit)


System unit कंप्यूटर का सबसे महत्तवपूर्ण हिस्सा होता है जो कंप्यूटर के सभी अंदरूनी एवं बाहरी हिस्सों को मिलाकर बनता है. इसको हम PC का दिमाग कह सकते है क्यूंकि यह कंप्यूटर पर किए जाने वाले सभी कामों को काबू (Control) और संचालित (execute) करता है. Window operating system भी system unit का ही अंग है.

Computer system का input unit क्या है 


Computer के पूरे system unit का वो भाग जिससे कोई काम निपटाने के लिए computer को निर्देश दिए जाते हों उसे computer system का input unit कहा जाता है.जिसमें मुख्य रूप से keyboard, mouse और scanner आता है.इन सभी devices से computer को निर्देश दिए जाते है इसलिए यह input devices की श्रेणी में आते है.

Keyboard, mouse, scanner आदि तारों के माध्यम से system unit से जुड़े रहते है. इनको plug के साथ system unit के पिछले हिस्से से जोड़ दिया जाता है. Computer system के input units hardware devices है. इस उल्लेख में हम detail में जानेंगे computer system ka input unit kya hai.

Hardware device क्या होता है? 

PC (Personal computer) के वो अंग जिनको आप शूह सकते हो महसूस कर सकते हो उनको hardware कहा जाता है. Keyboard, mouse, scanner और पूरा system unit(computer का अंदरूनी एक बाहरी हिस्सा) hardware कहलाता है.

Computer system के input units के मुख्य भाग इस प्रकार है

1. कीबोर्ड (Keyboard)
2. माउस (Mouse)
3. स्कैनर (Scanner)

1. कीबोर्ड (Keyboard)


कीबोर्ड computer system ke input unit का मुख्य अंग है.कीबोर्ड typewriter जैसा उपकरण होता है जिसपर कंप्यूटर में सूचनाएं दर्ज़ करने के लिए बटन(keys) लगे होते है. बाज़ार में कीबोर्ड के इस किस्म में model उपलब्ध हैं

1. स्टैण्डर्ड कीबोर्ड (Standard keyboard)

इसमें 83-84 keys लगी होती हैं

2. Enhanced keyboard 

इसमें 104 या इससे भी अधिक keys लगी हुई होती हैं.

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Keyboard:- Computer system ka input unit kya hai 


कंप्यूटर कीबोर्ड पर बनी keys और उनके द्वारा किए जाने वाले काम कुछ इस तरह हैं

टाइपराइटर कीज़ (Typewriter keys):- यह keyboard की साधारण keys होती है जिसमें अक्षर, संख्याए (numbers) और विराम चिन्ह (punctuation marks) keys शामिल होती है. इन keys का उपयोग कंप्यूटर screen पर लिखने और डिज़ाइन त्यार करने के लिए किया जाता है. कुछ keys अलग अलग commands के लिए शॉर्टकट का काम भी करती है.

फंक्शन कीज़ (Function keys):- F1 से लेकर F12 संख्या तक चिन्हित यह keys keyboard के सबसे ऊपरी हिस्से पर मौजूद होती है. इसके द्वारा किए जाने वाले काम उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर पर निर्भर करते है.

कर्सर कण्ट्रोल कीज़ (Cursor Control keys):- इन keys क्रम के अनुसार Left, right, up and down arrow keys कहा जाता है. इन keys से आप cursor को एक बार में ही अक्षर या लाइन के दाएं, बाएं, ऊपर या नीचे लेके जा सकते हो. Keyboard पर arrow keys के ठीक ऊपर कुछ और cursor control keys उपलब्ध होती है जो इस प्रकार है

Page Up keys (पेज़ अप कीज़):- इनका उपयोग document के पेज़ पर जाने के लिए किया जाता है.

Page Down keys (पेज़ डाउन कीज़):- इनका उपयोग document के अगले पेज़ पर जाने के लिए किया जाता है.

Home key (होम की):- इनका इस्तेमाल document में सबसे ऊपर या लाइन के शुरू में लाने के लिए किया जाता है.

End key (एन्ड की):- यह key cursor को document या लाइन के आखिर में लेके जाती है.

Numeric (NUM) keypad:- Keyboard की दाई तरफ Numeric (NUM) keypad होता है जिसमें calculator के सामान keys होती है. इनमें कुछ keys दो काम करती है. Numeric keys के दोनों कामों को आपस में बदलने के लिए Num लॉक keys का उपयोग किया जाता है.उदहारण के लिए - संख्या 7 होम key के रूप में तब ही काम करती है जब Num Lock key off होती है. जब Num Lock key on (keyboard के सबसे ऊपर लगी हुई हरी बत्ती द्वारा suchit) होती है तब 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 0 चिन्हित keys, numeric key के रूप में काम करती है. इनमें से किसी को भी दबाने से computer screen पर एक संख्या दिखाई देती है.

Caps lock key (कैप्स लॉक की):- आमतौर पर अक्षर lower case में ही टाइप होते है. अगर आप एक बार caps lock key दबा दो अर्थात (Caps lock की सूचक बत्ती जग जाए) तो टाइप किया जाने वाला हर अक्षर Upper case में type होता है. इसको दुबारा lower case में type करने के लिए caps lock को दबाना पड़ता है.

Shift key (शिफ्ट की):- इसको दबाने के बाद अगर आप कोई अक्षर या key दबाते हो तो वो अक्षर Upper case में ही type होगा. Caps lock ऑन होने की हालत में यह क्रिया विपरीत हो जाएगी. जब एक ही key पर दो चिन्ह या character बने हो तो shift key दबाने से ऊपरी चिन्ह या character screen पर type होगा. ऊपरी चिन्ह इस प्रकार हैं - at the rate(@),question mark(?),hash(#),and(&),percentage(%) आदि।
Ctrl and Alt keys (कण्ट्रोल और ऑल्ट कीज़):- Ctrl और Alt keys का इस्तेमाल ज्यादातर कोई खास काम करने के लिए फालतू keys के साथ किया जाता है. जैसे Ctrl और C को एक साथ दबाने से MS DOS में चलने वाला या execute होने वाला command तुरंत बंद हो जाता है और आप DOS prompt पर वापिस आ जाते हो. Ctrl, Alt और Del keys को इकठ्ठा दबाने से मशीन खुद ही दुबारा शुरू हो जाती है.

Enter key (एंटर की):- Enter key को return key भी कहा जाता है. इसका उपयोग मुख्य रूप से दो काम करने के लिए किया जाता है. पहला - यह computer को सूचना देता है कि आपने निर्देश देने का काम छोड़ दिया है. इसलिए वो दिए गए निर्देशों को प्रोसेस या execute करे.

Tab key (टैब की):- यह key कर्सर को पहले से निर्धारित जगह पर आगे लेके जाती है. इसके द्वारा आप पैराग्राफ शुरू कर सकते हो और कॉलम, text या संख्याओं को एक सेध में लिख सकते हो. कुछ softwares में यह एक बदल से दूसरे बदल पर जाने का काम करती है.

Escape (Esc)key (एस्केप की):- ज्यादातर applications में दिए गए आदेश या दी गई command को रद करने या नज़रअंदाज़ करने के लिए आप Esc key का इस्तेमाल कर सकते हो.

Delete key (डिलीट की):- कर्सर के दाईं तरफ लिखे characters या space (एक बार में एक character या space) को आप दुबारा मिटा सकते हो.

Backspace key (Backspace key):- इसको दबाकर आप कर्सर की बाईं तरफ लिखे गए characters को मिटा सकते हो. इस तरह करने से कर्सर आखिर में type किए गए अक्षर मिटने के बाद बाईं तरफ आता है.

Mouse (माउस)


Mouse भी computer system ke input unit का एक महत्त्वपूर्ण अंग है.Mouse हथेलियों और उंगलियों की पकड़ में आने वाला एक उपकरण है जिसके नीचे एक tracking ball और ऊपर वाले हिस्से में दाईं और बाईं तरफ दो बटन लगे होते है. हाथ द्वारा चलाए जाने वाले इस उपकरण से आप अपने keyboard से निर्देश type किए बगैर भी चला सकते हो. यह आपकी computer screen पर कहीं भी चला जाता है और commands में तेजी लाता है. Keyboard की तुलना में आप mouse से ज्यादा आसानी और तेज़ी से काम कर सकते है. कुछ softwares जैसे - Paint, coral draw, photoshop आदि जिनको डिज़ाइन बनाने के लिए ही त्यार किया गया है mouse के बगैर काम नहीं कर सकते. Mouse आमतौर पर दो किस्म के होते है

1. दो बटन वाला

2. तीन बटन वाला

Mouse का उपयोग 

Mouse हाथ में पकड़कर इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण है जिसके द्वारा आप keyboard पर बिना निर्देश type किए computer पर काम कर सकते हो. Mouse की मदद से computer पर तेज़ी से काम किया जा सकता है जबकि keyboard से काम करने के लिए काफ़ी समय लगता है. ज्यादातर mouse आयताकार उपकरण होता है जिसके नीचे वाले हिस्से में tracking ball होती है जिससे इसको बड़ी सरलता से पैड पर घुमाया जा सकता है और ऊपर बटन लगे होते है.

Screen पर mouse एक arrow के रूप में दिखाई देता है. Mouse pad पर mouse को किसी भी दिशा में घूमने पर screen पर दिखाई देने वाला arrow भी उसी दिशा में घूमता है.

Screen पर mouse pointer कभी कभी एक blinking cursor (|) के रूप में दिखाई देता है जब आप mouse pad पर mouse को घुमाते हो तो pointer भी उसी दिशा में घूम जाता है.

बाएं mouse बटन को एक बार दबाकर छोड़ देने की क्रिया को click कहा जाता है. इसका उपयोग screen पर दिखाई देने वाले कुछ चुनिंदा जैसे pull down menu को खोलने और documents में कर्सर को मनचाही जगह पर लाने के लिए किया जाता है.

स्कैनर (Scanner)


Scanner एक ऐसा यंत्र है जो type किए गए या हाथ से लिखे हुए text, graph, रेखा चित्र या चित्र को computer में तबदील कर देता है. जरुरी डाटा की प्रतिलिप्पी को स्कैनर किसी कागज़ पर बनाने की बजाए उसे computer की memory में ही save कर देता है.

स्कैनर का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है. इसका उपयोग चित्रों और जरुरी दस्तावेज़ों को उनके मूल रूप में जमा करने के एलावा अधिक मात्रा में लिखत डाटा जिसको type करना बहुत मुश्किल और boring काम हो उसको स्कैन करके आसानी से सेव किया जा सकता है. Use किए जाने वाले scanners मुख्य रूप में दो तरह के होते है

1. Flatbed

यह पुस्तक का एक पेज़ या शीट स्कैन करता है इसके एलावा यह कीमती और कम compact है.

2. Handheld

जिस शकल को आप स्कैन करना चाहो उसके ऊपर हाथ से इस स्कैनर को घुमाया जा सकता है. यह सस्ता और portable है. Portable का मतलब इसको एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है.

Conclusion


इस उल्लेख में हमने आपको computer system ka input unit kya है उसके बारे में जानकारी दी है. इसमें साधारण PC (personal computer) के input units की ही बात की गई है इसके एलावा computer के और भी input units होते है जिनके बारे में हम किसी और पोस्ट में detail में बताएंगे. आशा करते हैं आपको यह article computer system ka input units kya hai पसंद आया होगा.

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