Computer Virus in Hindi

Computer Virus in Hindi उसको समझने से पहले हम यह जानेगे कि computer security क्या होती है और इसकी आवश्यक्ता क्यों पड़ती है? आज computer महत्त्वपूर्ण सूचनाएं create करने, उनको स्टोर और विवस्थित करने के लिए एक विश्वसनीय श्रोत बनकर उभरा है. यह उन users के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होता है जो अपने computer और डाटा को misuse, ख़राब या ख़तम होने से बचाने में लगे रहते है. उदहारण के लिए एक कंपनी को यह सुनिश्चित करना होता है कि credit card, कर्मचारी और ग्राहकों से सम्बंधित डाटा पूरी तरह से सुरक्षित और गुप्त रहे.

computer virus in hindi, virus kya hai
computer virus in hindi


Computer security का उपयोग उन गतिविधियों को रोकने के लिए किया जाता है जो computer hardware, software, data information और प्रोसेसिंग की ability के लिए हानिकारक हो. इस उल्लेख computer virus in Hindi में सिक्योरिटी रिस्क और उनसे बचने के लिए बताया गया है जिसकी मदद से आप खतरे को घटा या पूरी तरह ख़तम कर सकते हो. इस आर्टिकल Computer virus in Hindi में हम आपको computer virus के बारे में डिटेल में बताने का प्रयास करेंगे कि compuer virus क्या होता है और इसे कैसे ख़तम किया जा सकता है ताकि आपका कंप्यूटर और डाटा दोनों मेहफ़ूज़ रहे.

Computer virus in Hindi 


Computer Virus कंप्यूटर में तबाही मचाने वाला प्रोग्राम होता है जो आपकी जानकारी या किसी चेतावनी के बगैर कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाता है. सीधे शब्दों में कहा जाए तो कंप्यूटर वायरस (computer virus) किसी बाहरी श्रोत द्वारा त्यार program code का हिस्सा होता है जो अपने आप कंप्यूटर में आ जाता है. एक बार आपके कंप्यूटर में वायरस (virus) आ जाए तो आपकी files और operating system हाणिग्रस्त हो सकते है.

Computer virus in Hindi के पर आधारित इस आर्टिकल में हम computer virus फैलने के कारण, computer virus की पहचान और computer virus को खत्म करने के तरीके के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।

Computer virus फैलने का कारण 


नेटवर्क, internet और Email का लगातार बढ़ रहा उपयोग Computer virus के फैलने का सबसे बड़ा माध्यम है. इन techniques की मदद से users file और सम्बंधित वायरस शेयर कर सकते है. Virus आमतौर पर आपके computer में तीन रास्तों से दाखिल होता है.

1. ख़राब file को खोलने से
2. खराब प्रोग्राम चलाने से
3. Disk Drive में खराब floppy disk के साथ कंप्यूटर boot करने से

कंप्यूटर में वायरस (virus) दाखिल होने का सबसे आम रास्ता है ईमेल के साथ attach हो के आई फ़ाइल. जब भी आप कोई ऐसा email खोलो जिसमें कोई फ़ाइल attach हुई हो तो पहले यह तय कर लेना चाहिए कि email किसी जानकर या भरोसेयोग्य श्रोत से आया है. भरोसेयोग्य श्रोत का मतलब ऐसी कंपनी या व्यक्ति है जो आपके हिसाब से आपको वायरस ग्रसित फ़ाइल जानबूझ कर या अपनी इच्छा से नहीं भेजेगा. आपको अनजान आदमी या कंपनी द्वारा भेजा गया मेल उसके attachment को पढ़े बगैर ही delete कर देना चाहिए. अगर आप ऐसा करोगे तो अपने कंप्यूटर का नुकसान होने से बचा सकते हो.

कंप्यूटर में वायरस(virus) अपने आप generate नहीं होते बल्कि यह वायरस आर्थर के रूप में जाने वाले लोगों द्वारा पूरी सूझबूझ के साथ त्यार किए गए प्रोग्राम होते है. कुछ आर्थर वायरस को चुनौती खड़ी करने के लिए त्यार करते है लेकिन कुछ इसको तबाही मचाने के लिए बनाते और फैलते है. वायरस त्यार करने के लिए बहुत सारी जानकारी और कुशलता की जरुरत पड़ती है. कुछ वायरस नुकसानदायक नहीं होते वो साधारण रूप में कंप्यूटर को केवल कुछ समय के लिए हैंग कर देते है और अपना मैसेज या आवाज़ प्रसारित कर देते है. उदहारण के लिए म्यूजिक बग वायरस कंप्यूटर को निर्देशित करता है कि वो म्यूजिक के कुछ code प्ले करे. बाकी वायरस खराब कंप्यूटर की hard disk में मौजूद डाटा को खराब और ख़तम तक कर देते है. अगर आपका कंप्यूटर abnormal व्यहार कर रहा है तो हो सकता है कि यह वायरस से ग्रसित हो.

आज वायरस कंप्यूटर के लिए गंभीर खतरा बन गया है. वर्तमान समय में 10 लाख से ज्यादा वायरस प्रोग्राम की होंद पाई गई है और एक अनुमान मुताबिक हर रोज़ 6 नए वायरस ढूंढे जा रहे है. कुछ websites पर जाने पहचाने virus की सूची आपको गूगल से मिल सकती है. Computer virus in Hindi के इस उल्लेख में अब हम computer virus की किस्मों के बारे में जानते हैं.

Computer virus की किस्में (Types of a computer virus in Hindi)


Computer Virus मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है

1. Boot sector virus

2. File virus

3. Micro Virus

1. Boot sector virus:- Boot sector virus system वायरस के रूप में भी जाना जाता है. यह तब पैदा होता है जब computer boot up होता है क्यूंकि यह floppy disk या hard disk के master boot sector में पाया जाता है. जब आप floppy disk drive में कोई floppy डालते हो और computer को boot up करते हो तो computer drive A में मौजूद disk के boot सेक्टर को अमल में लाने की कोशिश करता है. Floppy disk के boot sector में मौजूद किसी भी वायरस से computer की hard disk खराब हो सकती है चाहे यह disk boot disk क्यों ना हो.

2. File virus:- File वायरस प्रोग्राम भी वायरस के रूप में जाना जाता है. यह प्रोग्राम file के साथ attach रहता है. जब आप कोई ख़राब प्रोग्राम चलाते हो तो यह वायरस memory में प्रवेश या load हो जाता है. ज्यादातर users अनजाने में ही web से कोई प्रोग्राम डाउनलोड करके या किसी Email attachment को खोलकर इस वायरस के शिकार हो जाते है.

3. Micro Virus:- Micro virus में virus code को खोलने के लिए किसी भी application की micro language का इस्तेमाल होता है. जैसे Word processing या spreadsheet. जब आप किसी document को खोलते हो जो micro virus से ख़राब है वो virus memory में load हो जाता है. Micro Virus के निर्माता आमतौर पर इसको टेम्पलेट में छिपाते है इसलिए यह वायरस ऐसे किसी भी document को ख़राब कर सकता है जिसमें टेम्पलेट का प्रयोग किया जाता हो.

कुछ वायरस तब क्रियाशील होते है जब कंप्यूटर कोई ख़राब फ़ाइल खोलता है या कोई ख़राब प्रोग्राम चलाता है. बाकी वायरस logic bomb या time bomb कहलाते है इसको क्रियाशील होने के लिए एक खास स्थिति का इंतज़ार रहता है.

Logic bomb ऐसा वायरस है जो तब क्रियाशील होता है जब इसको तय की गई प्रस्थितियाँ मिलती है जबकि time bomb virus logic bomb virus की ही एक किस्म है जो खास किस्म के डाटा पर क्रियाशील होता है.

कभी कभी कंप्यूटर वायरस (Computer virus) मेलिसियस लॉजिक प्रोग्राम (Melicious logic program) भी कहलाते है. मेलिसियस लॉजिक प्रोग्राम (Melicious logic program) या मालवेयर (malware) एक ऐसा प्रोग्राम है जो user की जानकारी और चेतावनी के बगैर कंप्यूटर के संचालन को प्रभावित करता है. वायरस के एलावा और भी मालवेयर (malware) है जैसे की वार्म और ट्रोज़न हॉर्सेज.

वार्म एक मालिसियस लॉजिक प्रोग्राम (Malicious logic program) है जो memory में या डिस्क ड्राइव पर तब तक कॉपी होता रहता है जब तक की इसकी memory में बिलकुल भी जगह बची ना रहे.

ट्रोज़न हॉर्स एक malicious logic program है जो खुद को छुपा लेता है और कुछ खास परिस्थितियों में खुद निकलकर क्रियाशील हो जाता है. यह वायरस वार्म वायरस की तरह अपनी नकल नहीं बना सकता. Computer virus in Hindi के इस आर्टिकल में अब हम समझेंगे कि computer virus की पहचान कैसे करें और computer virus को ख़त्म करने का तरीका क्या है.

Computer virus की पहचान और इसे ख़तम करने का तरीका 


जब तक आप प्रभावशाली उपाव नहीं करोगे तब तक computer और उसमें मौजूद डाटा virus या और malware से खतरे में रहेगा हालांकि कुछ उपाव ऐसे है जिनको अपना कर आप अपने घर और ऑफिस दोनों के computers को नुकसान से बचा सकते हो. Computer virus in Hindi आर्टिकल के अगले पैराग्राफ में कुछ उपाव बताए गए है

Boot sector virus से बचाने के लिए आपको अपने computer को drive A में floppy डिस्क के साथ start नहीं चाहिए. सभी floppy disks में boot sector होता है. Start होने की प्रक्रिया के दौरान computer drive A में मौजूद disk के boot sector को अमल में लाने की कोशिश करता है अगर यह अभ्यास बेकार भी चला जाए तो भी floppy disk के boot sector में मौजूद किसी भी virus के साथ computer की hard disk ख़राब हो सकती है.

Computer को micro virus से बचाने के लिए आप micro लिखने की सुविधा देने वाली सभी applications में micro का security लेबल लगा सकते हो. उदहारण के लिए Microsoft word आपको चेतावनी देगा कि जिस document को आप खोलने जा रहे हो उसमें micro है. इसके बाद आप micro को खोलो या बंद रखो यह आप पर निर्भर है. अगर document किसी भरोसेलायक श्रोत से आया है तो उसको खोला जा सकता है नहीं तो छोड़ा जा सकता है.

आप अपने computer को virus अटैक से बचाने के लिए एंटी-वायरस (anti-virus) इनस्टॉल कर सकते हो. इसको नियमित रूप से update करना होगा. एक एंटी-वायरस (Anti-Virus) प्रोग्राम computer को वायरस के अटैक से बचाता है. यह memory, storage, media आदि हर फ़ाइल के साथ आने वाले वायरस को पहचानता है और उसको ख़तम करता है. ज्यादातर anti-virus program वर्मा और ट्रोज़न हॉर्सेज से भी बचाते है. अक्सर anti-virus program नए कंप्यूटर के साथ ही उपलब्ध करवाये जाते है. एंटी-वायरस प्रोग्राम (Anti-Virus program) उन programs को स्कैन करता है जो boot program, operating system और दूसरे programs को बदलने की कोशिश करते है. कुछ Anti-Virus program खुद उन खुद उन files को स्कैन करते है जो आप web, email attachment द्वारा खोलते हो और कंप्यूटर में आपके द्वारा insert की गई floppy disk या zip disk से प्राप्त करते हो.

एंटी-वायरस प्रोग्राम Computer virus की पहचान कैसे करता है


एंटी-वायरस प्रोग्राम (Anti-virus Program) Computer Virus की पहचान सिग्नेचर देखकर करता है. वायरस सिग्नेचर (Virus signature) को virus definition भी कहा जाता है. यह वायरस कोड का जाना पहचाना पैटर्न (pattern) होता है. यह अत्यंत जरुरी है कि आप अपने एंटी-वायरस प्रोग्राम की सिग्नेचर files को अपडेट करते रहो तांकि नए ढूंढे गए वायरस को यह जवाब दे सके. यह महत्त्वपूर्ण कदम आपके Anti-Virus program को उस computer virus से बचाता है जो आपके anti-virus के रिलीज़ होने के बाद त्यार किए गए है. ज्यादातर एंटी-वायरस प्रोग्राम (Anti-Virus program) नियमित अंतराल के बाद अपने features खुद update करते रहते है. वेडस इस सेवा को बिना किसी कीमत के खास समय के लिए उपलब्ध करवाता है.

एक बार जब कोई anti-virus किसी खराब फ़ाइल को पहचान लेता है तो वो उसके virus ख़तम करने का अभ्यास करता रहता है. अगर anti-virus program उस computer virus को ख़तम नहीं कर पाता तो वो खराब files को अक्सर दूसरी files से अलग कर देता है जिसको quartinhazard कहा जाता है. quartinhazard disk में एक अलग क्षेत्र होता है जो खराब files के लिए होता है जब तक कि आप उनको ख़तम या सही नहीं कर देते. इस कदम के बाद यह निश्चित हो जाता है कि इस फ़ाइल के साथ दूसरी files खराब नहीं होगी. Computer virus की पहचान और उन्हें ख़तम करने के एलावा भी ज्यादातर anti-virus programs में खराब files या programs को remove या repair करने का गुण पाया जाता है. Boot sector virus के लिए anti virus program रेस्क्यू डिस्क के साथ कंप्यूटर को restart करने की सलाह देता है.

Rescue disk क्या होती है 


Rescue disk या इमरजेंसी डिस्क (Emergency disk) removable डिस्क होती है जिसमें मुख्य operating system कमांड की सही कॉपी और start up information होती है को कंप्यूटर को सही restart करने में सहयता करती है.

Start up होने पर रेस्क्यू डिस्क (rescue disk) boot sector virus को ढूंढ़कर उसे ख़तम कर देती है. Floppy disk और ज़िप डिस्क रेस्क्यू डिस्क (rescue disk) जैसी सेवाएं ही देती है. एक बार जब आप rescue disk का इस्तेमाल करके कंप्यूटर को restart करते हो तो anti-virus प्रोग्राम हानीग्रस्त प्रोग्राम को repair करने का प्रयास करता है. अगर यह फ़ाइल को repair नहीं कर पाता तो आपको तो आपको इसकी सही बैकअप कॉपी के साथ replace या restore करना होगा.

Virus remove करने के लिए hard disk को reformat करना केवल अन्यंत गंभीर cases में ही होता है.

Conclusion


इस उल्लेख Computer virus in Hindi में आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि computer virus क्या है और इसको कैसे ख़तम किया जा सकता है. अगर virus आपके कंप्यूटर को खराब कर रहा हो तो तुरंत उसको remove कर देना चाहिए. इसके एलावा अगर आप अपना डाटा किसी दूसरे user के साथ बाँट या शेयर कर रहे हो जैसे कि email attachment, floppy disk या zip disk के द्वारा तो उनको भी virus के बारे में पूरी जानकारी देकर चौकस कर दीजिए. इससे वो users अपने system चैक कर लेंगे कि कहीं उनके system में भी वायरस का हमला तो नहीं हुआ. हम आशा करते है आपको यह पोस्ट Computer virus in hindi अच्छी लगी होगी।

Post a Comment

0 Comments