E-commerce kya hai | ई-कॉमर्स क्या है

इलेक्ट्रॉनिक कारोबार यानि E-commerce ने रोज़गार के कई नए रास्ते खोल दिए है. जो लोग उभर रहे क्षेत्रों में जाना पसंद करते है उनके लिए e-commerce एक सुनहरी मौका है. अगर आप नए क्षेत्रों के बारे में साधारण जानकारी रखते है तो आपके लिए रास्ता बन सकता है परन्तु वहां जगह मिल जाए और आप मज़बूती से वहां टिक सको उसके लिए आवश्यक है कि आपके पास विशेष ज्ञान हो, आपकी training हुई हो और आपने काम के बारे में जानकारी हासिल कर ली हो.

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E-commerce kya hai | ई-कॉमर्स क्या है

यह सही है कि नई तकनीक सिखने के लिए थोड़ी training की हमेशा जरुरत नहीं होती बहुत सारे लोग काम करते हुए तजुरबे के साथ इसे सीख लेते है लेकिन इसमें काफ़ी समय लग जाता है. दूसरी तरफ थोड़ी सी training के साथ आप कुछ ही समय में बहुत कुछ सीख लेते हो जो आगे चलकर आपकी नौकरी और कारोबार में काम आता है. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि training और तजुरबा यह दोनों एक द…
इलेक्ट्रॉनिक कारोबार यानि e-commerce ने रोज़गार के कई नए रास्ते खोल दिए है. जो लोग उभर रहे क्षेत्रों में जाना पसंद करते है उनके लिए e-commerce एक सुनहरी मौका है. अगर आप नए क्षेत्रों के बारे में साधारण जानकारी रखते है तो आपके लिए रास्ता बन सकता है परन्तु वहां जगह मिल जाए और आप मज़बूती से वहां टिक सको उसके लिए आवश्यक है कि आपके पास विशेष ज्ञान हो, आपकी training हुई हो और आपने काम के बारे में जानकारी हासिल कर ली हो.

यह सही है कि नई तकनीक सिखने के लिए थोड़ी training की हमेशा जरुरत नहीं होती बहुत सारे लोग काम करते हुए तजुरबे के साथ इसे सीख लेते है लेकिन इसमें काफ़ी समय लग जाता है. दूसरी तरफ थोड़ी सी training के साथ आप कुछ ही समय में बहुत कुछ सीख लेते हो जो आगे चलकर आपकी नौकरी और कारोबार में काम आता है. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि training और तजुरबा यह दोनों एक दूसरे के विरोधी नहीं है बल्कि इन दोनों के सुमेल से ही एक अच्छा तकनिकी कर्मचारी त्यार होता है.इस लेख के माध्यम से हम विस्तार से जानते है कि E-commerce क्या है?

E-commerce क्या है 


E-commerce का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक कारोबार या कंप्यूटर द्वारा internet जैसे विशाल network पर किया जाने वाला कारोबार. अब आपको पान की खरीददारी से लेकर हवाई सफर तक केवल कंप्यूटर को command देने की जरुरत है कंप्यूटर की स्क्रीन पर ही आप मोल-भाव और सौदा कर सकते है.

E-commerce को ऐसा कारोबार भी कहा जा सकता है जो internet पर होता है जिसकी बिक्री और खरीददारी के लिए computer या mobile जैसे किसी भी electronic उपकरण का उपयोग किया जा सकता है.

बिक्रेताओं और ग्राहकों में इंटरनेट पर होने वाले सौदे को ही e-commerce कहा जाता है. यदि आप अपना कोई पुराना mobile इंटरनेट पर बेचते है या कोई नई चीज खरीदते है उसे e-commerce यानि इलेक्ट्रॉनिक कारोबार कहा जाता है.

E-commerce के उदहारण 


Online shopping:- अगर आप amazon, flipcart जैसी कंपनियों से internet के माध्यम से कोई सामान खरीदते है तो उसे online shopping कहा जाता जो e-commerce के अंतर्गत आती है.

Electronic payments:- खरीददारी करने के बाद जब पैसों का भुगतान डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से किया जाता है उसे electronic payment कहा जाता है.भारत में बड़े shopping malls और दुकानों पर इस तरह पैसों का भुगतान किया जाता है.इस तरह की जानी वाली payment e-commerce के अंतर्गत आती है.

Online Auctions:- Internet पर जो सामान book किया जाता है उसे online auction कहा जाता है इसमें सामान बेचने वाले अपने उत्पाद पर बोली लगवाते है जो उपभोगता अधिक बोली लगाकर उस वस्तु को खरीदता है ऐसी बिक्री और खरीददारी को online auctions कहा जाता है.

Internet banking:- Internet के माध्यम से अपने बैंक खाते से पैसे transfer करना, net banking के द्वारा पैसों का भुगतान करना एवं fd करना internet banking कहलाता है.

Online ticketing:- रेलवे की सरकारी website से online ticket book करना हो या हवाई यात्रा के लिए कंपनी की website से ticket book की जाए इसको online ticketing कहा जाता है. यह भी e-commerce की ही एक उदहारण है.

E-commerce के प्रकार 


1. Business to Business E-commerce (B2B E-commerce):- जब एक कंपनी दूसरी कंपनी से व्यापार करती है उसे Business to Business E-commerce कहा जाता है.इसको इस उदहारण से समझें मान लीजिये कोई कंपनी जब किसी दूसरी कंपनी से product खरीदती है जिसका उत्पादन वो खुद नहीं करती उसे B2B E-commerce कहते है.

  E-commerce के प्रकार ,e-commerce
                                                                             E-commerce के प्रकार 

2. Business to Cunsumer E-commerce (B2C E-commerce):- जब कोई businessman internet के माध्यम से उपभोगता (consumer)को सामान बेचता है उसे Business to Consumer E-commerce कहा जाता है.


3. Consumer to Business E-commerce (C2B E-commerce):- जब उपभोगता को businessman द्वारा भुगतान किया जाता है उसे C2B E-commerce कहा जाता है. उदहारण, कोई चाय पत्ती बेचने वाली कंपनी जब चाय के खेत के मालिक से फसल का भुगतान करेगी वो Consumer to Business E-commerce की श्रेणी में आएगा. Tata चाय, ताज महल जैसी कंपनियां से आप अंदाज़ा लगा सकते है.

4. Consumer to Consumer E-commerce (C2C  E-commerce):- दो उपभोगताओं के बीच होने वाले लेनदेन को Consumer to Consumer E-commerce कहा जाता है. उदहारण olx एक ऐसी website है जहाँ लोग अपना सामान बेचते और खरीदते है, इस website पर सामान बेचने और खरीदने वाला कोई businessman नहीं होता बल्कि दोनों उपभोगता ही होते है.

Scope of E-commerce in Hindi 


कारोबार और व्यापार के लिए e-commerce ने नए रास्ते खोले हैं. कहा जाता है कि e-commerce के माध्यम से अमरीका में इतना धन आया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. विशेष बात यह है कि e-commerce किसी एक विशेष कारोबार या व्यापार के लिए नहीं है बल्कि अगर आप डॉक्टर हो, वकील, डिज़ाइनर, फोटोग्राफर, fashion designer या साधारण ग्रहणी सभी के लिए इंटरनेट पर बराबर मौके मौजूद है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि इंटरनेट के माध्यम से पैसों की बरसात होने लगेगी बल्कि संभव है एक दो साल आपको कोई फायदा महसूस ना हो लेकिन इस सम्भावना को देखा जाए तो आप इंटरनेट के माध्यम से बिना यात्रा, वीज़ा, सरकारी मंज़ूरी और कर्मचारी के अपने उत्पादों को दुनिया भर में बेच सकते है और ग्राहकों के ऑर्डर ले सकते है.इंटरनेट द्वारा कारोबार करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और उनके लिए ही नए शब्द "नेट उध्मी" का उपयोग किया जाता है.

इसलिए अगर आप करियर बनाने की देहलीज़ पर खड़े हो तो यह आपके लिए सोचने का समय है कि आप कहा से training लो.कौनसा वो कोर्स है जो आपको तुरंत रोज़गार दे सकता है. कंप्यूटर तकनीक की दुनिया इतनी तेज़ी से बदलती रहती है कि इसके लिए कोई निश्चित फार्मूला नहीं है जिस के आधार पर कोर्स बनाए जा सके. कुछ ही महीनों में यहां तस्वीर बदल जाती है. उदहारण कोई समय था जब ईआरपी का पूरा जलवा था इसका कोर्स करने के अर्थ तुरंत रोज़गार और खुशहाली माने जा रहे थे.ईआरपी का प्रचलन अभी हटा नहीं है लेकिन चमक जरूर घट गई है. Microsoft के प्रमाण पात्र आज भी उपयोगी है लेकिन अब इनको बुलंद रोज़गार के राम बाण नहीं माना जा सकता.

आज जिन कोर्सों का बोलबाला है वो जावा से सम्बंधित है.यही कारण है कि जावा e-commerce की तकनीकों का केंद्री रूप बनता जा रहा है मतलब यह तकनीक के रूप में आ रहा है जिसमें HTML, DHTML, XML, एक्टिवएक्स, वीवी स्क्रिप्ट सबका मिलन हो जाता है. जावा के कोर्स कुछ साल पहले से चल रहे थे लेकिन आज इसके तहत जो options उपलब्ध हैं उनकी गिणती पहले से काफ़ी ज्यादा है.जावा के कोर्स चलाने में आर्केल  और आईबीऍम जैसी कंपनिया शामिल है. इनके इलावा दर्जनों ट्रेनिंग संस्थाएं भी यह कोर्स चला रही है.

इतनी बड़ी संख्या में यह संस्थाएं इसलिए इस क्षेत्र में आई है क्यूंकि उनको इसमें लाभ साफ नज़र आ रहा है. एक साल के अंदर हालत इतनी बदली है जहाँ दुनिया के पैमाने पर भारत में प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों की संख्या ना के बराबर थी वही इस साल दुनिया में सबसे ज्यादा प्रमाणपात्र हासिल करने वालों में से भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है.

जैसे किसी चीज़ का माहौल बनता है जावा के साथ भी वही हो रहा है. इसकी training देने वाली संस्थाओं की गिणती भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जबकि माहिरों का कहना है कि जावा की training के लिए संस्था में बुनियादी सहूलतों और trained अध्यापकों का होना बहुत जरुरी है. जो नामी संस्थाएं कोर्स चला रही है उनमें टाटा इंफोटेक, सीऍमसी,educate system आदि शामिल हैं. दरअसल कंप्यूटर का कोर्स करने से पहले जिन सावधानियों की संस्था के बारे सलाह दी जाती है जावा कोर्स पर भी वही लागू होती है.

जावा के बाद आज सबसे ज्यादा जलवा e-commerce कोर्स का माना जा रहा है. यह कोर्स चलाने वाली संस्थाओं की कोई कमी नहीं है.इस विषय पर छोटे कोर्स और पूरे करियर के कोर्स मौजूद है.पूरे करियर वाले कोर्स को करियर कोर्स कहा जाता है. Apptech, KAR ROX, कॉनकोर्स, first computers आदि करियर courses की विशेष जगह बनी है. दूसरी तरफ निट, Tata infotech, educate informatic आदि कंपनियां छोटे कोर्स भी चला रही है.

लेकिन ई-कॉम कोर्स शुरू करने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि यह किसी खास एक प्लेटफार्म के लिए नहीं होते इसलिए अगर आप आईबीऍम से कोर्स पूरा करते हो तो वो आपको आईबीऍम प्रमाणपत्र देगी.E-commerce training के मामले में निट और apptech का भी यही हाल है. Computer training देने वाली भारत की सबसे बड़ी यह संस्थाएं कई तरह के कोर्स चला रही है. अगर कोई इनमें करियर की शुरुआत करना चाहता है तो उनके लिए भी अलग से courses है उन पेशावर उद्योगपतियों के लिए भी जो इस क्षेत्र में पहले से काम कर रहे है.

Apptech के पास लंबे (करियर कोर्स) और छोटे दोनों तरह के कोर्स है. करियर कोर्स को eACCP कहा जाता है और छोटे को AECP. उद्योग क्षेत्र में काम करने वालों के लिए apptech अपने asset प्रभाव के द्वारा कई तरह के कोर्स चलाता है. जिसमें Ecom@.assed श्रेणी के कोर्स शामिल है. इस श्रेणी के कोर्स की सामग्री asset-international और आईबीएम इंडिया ने मिलके त्यार की है.

निट e-commerce से सम्बंधित चार साल का कोर्स चलाती है. इसके इलावा web-computer पर उसका दो साल diploma भी करवाया जाता है. असल में training संस्थाओं ने market सर्वेक्षण करने के बाद e-commerce courses पर जोर देना शुरू कर दिया है. Web-portals की संख्या बढ़ने के कारण e-commerce courses की मांग बढ़ी है क्यूंकि आज market में इन portals पर काम करने वाले लोगों की भारी मांग है.

E-commerce और जावा के एलावा भी ऐसी techniques और प्रयोग है जिनको महत्वपूर्ण माना जाता है जिसके बारे में कहा जाता है कि इसमें भी माहिर लोगों के लिए रोज़गार की कमी नहीं है. E-commerce, web की तकनीक आ चुकी है जिसके कई प्रकार के कोर्स भी उपलब्ध हो चुके है. भारत का training कारोबार विश्व की मांग से प्रेरित होकर संचालित होता है इसलिए जैसा विश्व का स्वरुप बनेगा भारतीय training बाज़ार भी उसी से प्रेरित होकर संचालित होगा और इसमें बदलाव आते रहेंगे.

E-commerce कोर्स करने से पहले रखें इस बात का ध्यान 


E-commerce कोर्स शुरू करने से पहले अपनी योग्यता, सामर्थ्य और दिलचस्पी का जायज़ा लेना बेहद जरुरी है. Web की दुनिया में बहुत ही कुशल लोगों की मांग है. कंपनियां ज्यादातर engineers को मौका दे रही है. बाकी लोगों को training के बाद नौकरी मिलती भी है तो सैलरी बहुत कम दी जाती है बाद में आप अपनी कुशलता से अधिकारियों को प्रभावित करके तरक्की करो वो अलग बात है लेकिन आप यह तब कर सकोगे अगर आपको इसमें दिलचस्पी होगी. इस तरह आप समझ गए होंगे कि E-commerce क्या है. इसकी training क्या होती है और इसके क्या लाभ और नुकसान हैं.

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