Network kya hai aur Network kitne parkar ka hota hai

क्या आपको पता है network क्या है और नेटवर्क कितने प्रकार का होता है? अगर नहीं तो आपको इस आर्टिकल में नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी पढ़ने को मिलेगी। ऐसा देखा गया है कि जब लोगों के मोबाइल या किसी और communicating डिवाइस में जब signal नहीं आता तो वो अक्सर कह देते हैं नेटवर्क नहीं आ रहा जबकि यह अवधारणा गलत है क्योंकि केवल सिग्नल को नेटवर्क नहीं कहा जा सकता। सिग्नल केवल नेटवर्क का इक हिस्सा है इस उल्लेख में हम विस्थार से समझेंगे कि network क्या है, नेटवर्क कितने प्रकार का होता है और नेटवर्क स्थापित करने के लिए किन उपकरणों की जरुरत पड़ती है.

Network kya hai, computer network kya hai
Network kya hai 


Computer जब पहली बार सामने आया तो यह अपने आप में एक अकेला उपकरण था लेकिन बाद में इसके विस्तृत इस्तेमाल ने ऐसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर त्यार करने का रास्ता खोला जिससे कंप्यूटर आपस में बात करने लगे कहने का मतलब कि कंप्यूटर एक दूसरे के साथ communicate करने लगे.

Computer communication से तात्पर्य है वो प्रक्रिया जिससे एक कंप्यूटर से डाटा, निर्देश और सूचनाएं दूसरे कंप्यूटर तक पहुँचती है. शुरू में केवल बड़े कंप्यूटर में communication की क्षमता थी लेकिन अब छोटे से छोटे कंप्यूटर और उपकरण एक दूसरे के साथ communicate कर सकते है.

Computers द्वारा एक दूसरे के साथ communicate करने को ही network कहा जाता है. Network की मदद से सभी computers आपस में जुड़े रहते है और सूचना का लेन-देन करते है.

Network क्या है 


Network computers का एक ऐसा समूह है जो communication channel के साथ जुड़ा रहता है. इसके माध्यम से यूजर डाटा, जानकारी, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को दूसरे यूजर के साथ शेयर कर सकता है. निजी और स्थानिक computers को कई कारणों से network के साथ जोड़ा जाता है. इसमें डाटा,  जानकारी, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर शेयर करने और communication स्थापित करने की क्षमता होती है. अब आपको पता चल गया होगा कि network क्या है अब हम जानेंगे network कितने प्रकार का होता है और इसकी जरुरत क्यों पड़ती है.

Network की जरुरत क्यों पड़ती है 


Network की मदद से हम विभिन्न प्रकार की सूचनाएं दूसरों के साथ शेयर करते रहते है जो केवल networking की बदलौत होता है. अगर हमारे device में communication की क्षमता ना हो तो हमारे device में जितना भी डाटा, जानकारी और सूचनाएं है वो हम तक ही सिमट कर रह जाएगी. आज networking की मदद से हम तरह तरह की सुचना लोगों के साथ शेयर करते है जैसे कि

Hardware शेयर करना 

एक network में शामिल हर कंप्यूटर हार्डवेयर को एक्सेस करके उसका इस्तेमाल कर सकता है. उदहारण के लिए मान लीजिये कि एक network में कई computers शामिल है और हर कंप्यूटर को लेज़र प्रिंटर की जरुरत होती है. ऐसे में network से जुड़े एक ही लेज़र प्रिंटर को सभी computer इस्तेमाल कर सकते है.

डाटा और जानकारी शेयर करना 

एक network में शामिल किसी भी कंप्यूटर पर काम करते समय कोई भी जानकर यूजर किसी भी दूसरे कंप्यूटर में शामिल डाटा और सूचना तक पहुंचकर उसका इस्तेमाल कर सकता है. उदहारण के लिए कंप्यूटर information का डाटाबेस server की हार्ड डिस्क में सेव हो सकता है.


Network में शामिल कोई भी जानकर यूजर यहां तक कि hand-held कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाला मोबाइल यूजर भी इस डाटाबेस तक पहुँच सकता है और उसका उपयोग कर सकता है. स्टोरेज डाटा और information तक पहुंच कर उनका इस्तेमाल करने की सुविधा कुछ networks का बहुत ही महत्त्वपूर्ण feature होता है.

Software शेयर करना 

Software sharing में अधिक use किए जाने वाले softwares server की हार्ड डिस्क में स्टोर रहते है तांकि network में शामिल कई यूजर इन तक पहुंचकर इनका उपयोग कर सके. जब आप किसी सॉफ्टवेयर पैकेज का network version खरीदते हो तो सॉफ्टवेयर पैकेज का इस्तेमाल करने की इज़ाज़त देता है.

Site license की फीस आमतौर पर networks में शामिल computers और users की संख्या के आधार पर तय की जाती है. हर कंप्यूटर के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर खरीदने की तुलना में network द्वारा software की sharing पर लगभग ना के बराबर खर्च आता है.

Facilitated communication


Network का इस्तेमाल करके आप प्रभावशाली और आसान ढंग से ईमेल, instant message, chat rooms, telephony और video conferencing के माध्यम से communicate कर सकते हो. ईमेल मैसेज आमतौर पर तुरंत डिलीवर होते है. कभी कभी यह network बिज़नेस नेटवर्क में भी काम आता है.

Networks की अलग-अलग रेंज होती है. एक छोटा नेटवर्क दो computers को आपस में जोड़ता है वही ग्लोबल नेटवर्क जैसे कि internet दुनिया के लाखों-करोड़ों computers को आपस में जोड़ता है. Network हर तरह के computers को आपस में जोड़ता है चाहे वो hand-held कंप्यूटर अर्थात मोबाइल हो या सुपरकम्प्युटर.

Network के प्रकार  


मुख्य रूप से networks तीन प्रकार के होते है. LAN, MAN और WAN. यह निजी, बिज़नेस हाउस और संस्थाओं द्वारा उपयोग किए जाते है.

Network का size इस पर निर्भर करता है कि बिज़नेस हाउस या संस्था किस किस्म का network use करना चाहती है. अलग अलग size के networks डाटा को अलग-अलग तरीके से transmit करते है.
network kitne parkar ka hota hai, MAN network
network kitne parkar ka hota hai


उदहारण के लिए एक हज़ार users वाली संस्था का network अलग तरीके से विवस्थित रहता है और उसको संघटकों की विभिन्नता की जरुरत होती है जो कि उस network में नहीं होते जिसमें केवल पांच यूजर हो.

लोकल एरिया नेटवर्क (LAN)


एक ईमारत या इमारतों के समूह में ऐसा network जिसमें दो या दो से अधिक computers भौतिक रूप से एक दूसरे के साथ जुड़े रहते है उसे लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) कहा जाता है. इस network में जुड़े हुए computers workstation कहलाते है.

इसमें कंप्यूटर एक दूसरे के साथ इसलिए जुड़े रहते है तांकि महंगे उपकरण जैसे कि लेज़र प्रिंटर का संयुग्त रूप से इस्तेमाल किया जा सके इसके एलावा server में मौजूद डाटाबेस और applications सारे workstations के लिए उपलब्ध हो सके.

मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क (MAN)


यह एक high speed network है जो 200 mbps (megabytes per second) तक की आवाज़, डाटा और इमेज को तेजी से 75 किलोमीटर की दूरी तक इमारतों के कुछ ब्लॉक्स या पूरे शहर में लेके जा सकता है. Transmission की स्पीड network के architecture पर आधारित होती है और यह कम दूरी के लिए अधिक हो सकती है.

MAN में एक या एक से अधिक LAN होते है और यह Wide Area Network की तुलना में छोटा होता है लेकिन इसकी स्पीड आमतौर पर अधिक होती है.

वाइड एरिया नेटवर्क (WAN)


WAN एक Computer network है जो अपनी लंबी दूरी तक communication करने की क्षमता के कारण local area network से काफ़ी अलग होता है. इस network में पूरा देश और बड़ी राष्ट्रीय कंपनियों की सभी websites कवर हो सकती है. VAN का इस्तेमाल local area network और बाकी networks को एक दूसरे के साथ जोड़ने के लिए किया जाता है तांकि एक जगह पर बैठा यूजर अपने computer के माध्यम से दूर कही बैठे दूसरे यूजर के साथ communicate कर सके.

अधिकतर VAN किसी संस्था विशेष द्वारा बनाए जाते है और निजी होते है. बाकी Internet service provider द्वारा बनाए जाते है और किसी संस्था की लाइन को कनेक्शन के साथ जोड़ते है. Communication आमतौर पर एक या एक से अधिक राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय सरकारी इकाइयों द्वारा उपलब्ध करवाए जाते है.

Network Hardware 


Network hardware में वो उपकरण शामिल होते है जिनकी सहायता से network स्थापित किया जाता है. सभी networks में काम करने के लिए network hardware की जरुरत पड़ती है. Network hardware इस प्रकार है.

कंप्यूटर 

Network का सबसे महत्वपूर्ण काम है computers को आपस में जोड़ना. जब computers आपस में जुड़े रहते है तो इनका इस्तेमाल करने वाले users अधिक प्रभावशाली ढंग से काम कर सकते है. ऐसा जरुरी नहीं है कि Network में जुड़ने वाले सभी computers एक सामान हों.

उदहारण के लिए एक ही network में डेस्कटॉप कंप्यूटर जैसे कि IBM कम्पैटेबल और मैकिनटोश कंप्यूटर या पोर्टेबल कंप्यूटर जैसे कि नेटवर्क और Personal Digital Assistance (PDAs) शामिल हो सकते है.

नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड (NIC)

एक expension कार्ड कंप्यूटर और बाकी उपकरणों जैसे कि प्रिंटर को नेटवर्क एक्सेस करने की सुविधा मुहईआ करवाता है. नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड कंप्यूटर और फिजिकल मिडिया जैसे कि केबल जिसके माध्यम से transmission होता है उनके बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता है.

कनेक्टर (Connector)

Connector एक ऐसा औज़ार है जो networks को आपस में जोड़ता है. साधारण और सबसे लोकप्रिय connectors है Hub, ब्रिज और राउटर.

Cables 

तारों का समूह या glass wires, फ्लेक्सिबल मैटल सभी तरह की cables network स्थापित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिकस के तौर पर use की जाती है और यह प्लास्टिक या रबड़ से घिरी होती है.

रिसोर्स 

Computer system या नेटवर्क का कोई भी पार्ट जैसे कि डिस्क ड्राइव, प्रिंटर या मैमोरी जो किसी प्रोग्राम के साथ बांटी जा सकती है या जो प्रक्रिया चल रही है कंप्यूटर के इस तरह के parts भी networking हार्डवेयर की श्रेणी में आते है.

निष्कर्ष 


इस उल्लेख में आपने जाना कि network क्या है, network कितने प्रकार का होता है और network स्थापित करने के लिए कौन से devices की आवश्कयता पड़ती है. 

आज अधिकतर लोगों में network को लेकर एक गलत अवधारणा बन चुकी है. जब मोबाइल या किसी और communicating उपकरण में signal नहीं आता तो लोग अक्सर कहते है नेटवर्क नहीं आ रहा जबकि signal नेटवर्क का एक पार्ट है. Communicate करने के लिए जितनी भी चीजों की जरुरत पड़ती है वो सभी नेटवर्क है पार्ट है ना कि पूरा का पूरा नेटवर्क. उम्मीद है आपको इस आर्टिकल के माध्यम से नेटवर्क क्या है के बारे में जानकारी मिल गई होगी.

Post a Comment

0 Comments