What is internet in Hindi | Internet क्या है?

क्या आप जानना चाहते हो कि internet क्या है तो what is internet in hindi के इस उल्लेख में आपको internet के बारे में पूरी जानकारी पढ़ने को मिलेगी. Internet ने आज कई सुविधाएं आपकी उंगलियों पर लाकर रख दी है. आप internet के माध्यम से किसी को message भेज सकते हो, नए दोस्त बना सकते हो, बैंकिंग, शॉपिंग, इन्वेस्टमेंट, tax, online course, गेम खेलना, संगीत सुनना या मूवी देखना जैसे काम घर बैठे ही कर सकते हो.

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Internet की सहायता से आप अपने किसी भी मित्र को message भेज सकते हो यहां तक कि उससे वीडियो कॉल भी कर सकते हो. इस बात का कोई मतलब नहीं है कि वो दुनिया के कौनसे कोंने में बैठा बस उसके पास एक computer और internet कनेक्शन होना चाहिए. आप उससे text message, voice call और वीडियो कॉल किसी भी तरीके से बात कर सकते हो. क्या आपको पता है यह सब कैसे होता है? अगर नहीं तो what is internet in hindi के इस आर्टिकल को धयान से पढ़िए आपको सारे सवालों का जवाब इस एक ही पोस्ट में मिल जाएगा.

Internet क्या है 


Internet को साधारण भाषा में नेट कह दिया जाता है. Internet communication का एक माध्यम है. यह दुनिया भर के सबसे बड़े networks में से एक है जिसके माध्यम से करोड़ों computers एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं. अगर internet को आसानी से समझना हो तो कहा जा सकता है कि internet एक ऐसा विशाल network है जो दुनिया भर के करोड़ों computers को आपस में जोड़ता है जिससे हम डाटा, information, softwares और कई किस्म के programs एक दूसरे के साथ शेयर कर सकते है भले ही हम दुनिया के अलग-अलग कोनों में क्यों ना बैठे हो.

अब आपको पता चल गया होगा की internet क्या है अब हम जानेंगे what is internet in Hindi मतलब internet को हिंदी में क्या कहा जाता है.

What is internet in Hindi 


Internet को हिंदी में एक network का एक महांजाल कहा जा सकता है जो पूरे विश्व में फैला हुआ है. सरल भाषा में कहा जाए तो internet एक ऐसा network है जिसने दुनिया भर के computers को आपस में जोड़ रखा है. आप communication औज़ारों जैसे कि केबल, modem, टेलीफोन लाइन और setallite के माध्यम से इस network को एक्सेस कर सकते हो.

Internet के साथ कितने computer जुड़े है इसके बारे में कोई भी नहीं जानता लेकिन इसकी गिणती करोड़ों में है और दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.


Internet का मालिक कौन है 


Internet में कई local, regional, नेशनल और इंटरनेशनल networks शामिल रहते है. हालांकि यह सभी networks किसी निजी या सार्वजनिक संस्था की संपत्ति होती है लेकिन internet पर किसी एक व्यक्ति, एकेली संस्था या संघठन का नियंत्रण या मालिकाना हक नहीं है.

Internet पर हर संस्था अपने network को maintain करने के लिए जिम्मेदार होती है. इस समय billions की गिणती में लोग दुनिया के विभिन्न हिस्सों में network का इस्तेमाल करते है. Internet का उपयोग बढ़ाने में जिस फीचर का हाथ है वो है इसको कही भी इस्तेमाल करने की क्षमता जैसे कि घर में, स्कूल में, रेस्टोरेंट में या ऑफिस में आदि.

आज के बिज़नेस वर्ल्ड में अगर आप सफलता प्राप्त करना चाहते है तो आपको internet का ज्ञान होना बहुत जरुरी है. अगर आप internet को नहीं समझते तो आप बहुत बड़े सूचना और communication के श्रोत से वंचित रह रहे हो.

Internet से क्या काम किए जा सकते है 


Internet के माध्यम से कई प्रकार के काम किए जा सकते है जैसे कि

1. दुनिया भर में किसी के साथ भी communication

2. बैंकिंग

3. निवेश

4. चीजों या सुविधाओं की खरीद

5. Music सुनना और डाउनलोड करना

6. मूवी देखना

7. Online कोर्स करना

8. Study material ढूंढ़ना

9. Online गेम खेलना, मैगज़ीन पढ़ना

10. किसी कंप्यूटर को एक्सेस करके फ़ाइल, document आदि का आदान प्रदान करना

11. Information, ऑडियो क्लिप, वीडियो क्लिप, photos आदि डाउनलोड करना

Internet का इतिहास 


चलिए what is internet in Hindi के इस उल्लेख के माध्यम से अब हम संक्षेप में internet का इतिहास जानने की कोशिश करते है

Internet सबसे पहले अमरीका के रक्षा विभाग पैंटागन में शुरू हुआ था. पैंटागन में ARPA अर्थात Anvance Research Project Agency नाम का networking project लॉन्च किया गया जो एक ऐसे network की तरह काम करता था जिसमें युद्ध के दृष्यों के बारे में बिना किसी रूकावट के एक दूसरे को गुप्त सूचना भेज सकते थे. ARPANET कहलाने वाला यह नेटवर्क 1969 में शुरू हुआ.

इसने वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं को आपस में जोड़ा. जैसे जैसे शोधकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक मेल के माध्यम से सूचना भेजने के फायदे पता चलते गए इसका प्रचलन बढ़ता गया और इस नेटवर्क ने लोकप्रियता हासिल कर ली.

1984 तक इस नेटवर्क के साथ कुल 1000 computers जुड़ चुके थे. आज internet ने करोड़ों computers को आकर्षित करके आपस में जोड़ दिया है.

धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्र के शोधकर्ताओं और विद्वानों ने internet का उपयोग करना शुरू कर दिया. 1986 में National Science Foundation ने अपने पांच supercomputer centers के विशाल नेटवर्क को आपस में जोड़ा. इसको NSFnet कहा गया. जो बाद में internet के नाम से प्रचलित हो गया.

1995 तक NSFnet internet पर बड़ी मात्रा में communication activity या ट्रैफिक को संभालता रहा. 1995 के बाद उसने अपने network को internet से अलग कर लिया और अपने पुराने स्टेटस research network पर वापिस आ गया.

बाद में internet का ट्रैफिक विभिन्न नगमों, कारोबारी संघठनों और कंपनियों ने संभाल लिया जो network उपलब्ध करवाते है. यह network टेलीफोन कंपनियों, केबल, setallite companies और internet structure में सरकारी मदद के साथ आगे बढ़ा.

Internet किसी सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है. यह एक विशाल सवतंत्र network है जो अनेकों संस्थाएं मिल कर चलाती है हालांकि कोई एक व्यक्ति, कंपनी, संस्था या सरकारी एजेंसी इसका मालिकाना हक नहीं रखती और ना ही इसे नियंत्रित करती है लेकिन कुछ एजेंसिया मानक निर्धारत करके या कुछ मुद्दों पर अपनी सलाह देकर इसकी सफलता में जरूर सहयोगी बनी है.

Internet के विभिन्न क्षेत्रों के लिए guidelines निश्चित करने और रिसर्च करने वाला समूह world wide web consontoium (W3C) कहलाता है.

Internet कैसे काम करता है 


Internet के साथ जुड़े computers clients और server का इस्तेमाल करके दुनिया भर में एक दूसरे को डाटा ट्रांसफर करते है.

Server क्या होता है

वो कंप्यूटर जो किसी network के श्रोत जैसे कि प्रोग्राम और डाटा को विवस्थित करके एक केंद्रीय storage एरिया उपलब्ध करवाता है उसे server कहा जाता है.

Client क्या होता है

वह कंप्यूटर जो इस केंद्रीय storage एरिया तक एक्सेस करके प्रोग्राम या डाटा लेना चाहता है उसे client कहा जाता है. Internet पर एक client जो बहुत सारे servers की files और programs तक एक्सेस कर सकता है उसे Host computer कहा जाता है. आपका कंप्यूटर host computer ही है.

Internet की अंदरूनी संरचना में एक transportation system होता है. एक transportation system में ट्रैफिक का ज्यादातर लोड हाईवे सहन करते है जो बड़े शहरों को आपस में जोड़ते है. ठीक इसी प्रकार internet में कुछ मुख्य communication lines होती है जो ज्यादातर ट्रैफिक का भार एक हाईवे के समान ही वहन करती है. इन communication lines को संयुग्त रूप से internet backbone कहा जाता है.

Internet एक पैकेट आधारित network है अर्थात जो भी डाटा आप ट्रांसफर करते हो वो packets में बंट जाता है. यह तब होता है जब आप internet के विभिन्न networks में डाटा ट्रांसफर करते हो. Network विशेष computers के साथ जुड़े होते है जिनको राऊटर कहा जाता है.

एक राऊटर पहले यह check करता है कि आपके पैकेट (डाटा) को जाना कहा है फिर यह निश्चित करता है कि डाटा को किस दिशा में भेजा जाए. यह संभव नहीं है कि हर राऊटर बाकी दूसरे रॉयटर्स के साथ जुड़े हो यह केवल आपके डाटा की दिशा को निश्चित करता है.

राऊटर को यह बताने के लिए कि डाटा को कहा भेजना है उसके लिए एक address होता है जिसको IP (International Protocol) कहा जाता है. IP के साथ ट्रांसफर होने वाला डाटा packets में बंट जाता है. यह एक और protocol द्वारा हैंडल किया जाता है जिसको TCP यानि Transmission Control Protocol कहा जाता है.

IP address क्या है 


यह खोजा गया कि IP address जो कि वास्तव में सिर्फ नंबर होते है कंप्यूटर इनको बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है लेकिन मनुष्य होने के नाते हमारे लिए यह संभव नहीं होता कि हम इतने नंबर याद रख सके इस probleum से निजात पाने के लिए 1984 में domain name होंद में आया. Domain name internet पर किसी व्यक्ति की location होती है.

What is domain in Hindi 


Protocol system की तरह ही internet में डाटा को किसी खास जगह पर भेजने के लिए addressing system का इस्तेमाल किया जाता है. IP address internet protocol standard की मदद से network में एक computer को दूसरे computer की पहचान और उससे communicate करने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक unique address होता है.

IP address नंबरों के चार समूहों से युक्त होता है. यह समूह आपस में एक दूसरे से एक डॉट (.) द्वारा अलग रहते है. नंबर 0 से लेकर 2555 तक हो सकते है उदहारण के लिए 155.27.34.10 एक IP address है. आमतौर पर IP address का पहला हिस्सा network को पहचानता है जबकि आखिर वाला computer विशेष को.

इन नंबरों को याद करके इनका इस्तेमाल करना बहुत कठिन होता है. इसलिए internet पर इनकी जगह text नाम त्यार किए गए जो एक या एक से अधिक IP address को represent करते है. इसी IP address का text version domain name कहलाता है. Domain name के संघटक भी एक दूसरे से डॉट (.) द्वारा अलग रहते है.

हर domain name में top level domain (TLD) abbrivations होते है जो उस संस्था के प्रकार के बारे में बताते है जो domain का इस्तेमाल करती है. डॉट कॉम (.com) कभी कभी उस संस्था को परिभाषित करता है जिसके पास कॉम का TLD है.

Domain के प्रकार 


Domain मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है

1. TLD

2. GTLD

3. CTLD

TLD:- TLD का पूरा नाम Top level domain होता है जो url के अंत में लगाया जाता है. उदहारण के लिए wikipedia.com में .com TLD यानि top level domain है. इस समय .com के एलावा जो TLD प्रचलित है उनमें .net, .org, .gov, .edu आदि शामिल है.

GTLD:- Generic top level domain पूर्व जाती नाम होता है जैसे कि www.books.com, www.music.com आदि. कोई भी इनको किसी व्यक्ति या कंपनी से नहीं जोड़ सकता लेकिन साधारण रूप में यह एक वर्ग को प्रदर्शित करती है जैसे कि किताबें और संगीत आदि को.

CTLD:- Country top level domain. यह नाम केवल विशेष देशों को ही दिए जाते है. उस देश में जो सम्बंधित नियम संस्था होती है वही इन पर काबू रखती है. उदहारण के लिए भारत के लिए .in, फ्रांस के .fr, यूके के लिए .uk, कनाडा के लिए .cd आदि.

DNS क्या है 


Domain Name System (DNS) वो system है जो internet पर domain name और उससे सम्बंधित IP को स्टोर करके रखता है. जब भी आप कोई domain name खरीदते हो internet server (Domain Server) उसको सम्बंधित IP address में translate करके डाटा को सही computer तक भेज देता है.

Internet का विकास 


1945

बनेविट बुश ने The Atalantic monthly के जुलाई अंक में लिखा- जैसा ही हम सोचे (as we may think) तैसा ही हम पाएं.

1958

आईजनहावर प्रशासन ने सोवियत संघ के स्पूतनिक setallite के जवाब में Advanced research Projects एजेंसी शुरू की.

1960

ट्रेड नेल्सन ने प्रोजेक्ट एक्ससेंडु शुरू किया. इसका उदेश्य एक ऐसा document बनाना था जिसमें सभी लिखित प्रलेखों को आपस में एक दूसरे के साथ जोड़ा जा सके.

1962

लिकलीडर को ARPA के information processing techniques ऑफिस का डायरेक्टर नियुगत किया गया. इसी साल ITPO के तीसरे डायरेक्टर रोबर्ट टेलर ने ARPA network लाने का प्रस्ताव रखा.

1967-68

रोबर्ट टेलर के अनुरोध पर लैरी रोबर्ट ने ARPA network के लिए prototype technology विकसित की और इसको काम में लाने के लिए बोल्ड बनेकर और न्यूमैन की फर्म की सहायता ली.

1969 

BBN ने ARPF network बनाया और साल के आखिर तक इसने काम शुरू कर दिया.

1971

BBN में इंजीनियर रहे टॉमिसन ने ARPA Internet network के माध्यम से पहला ईमेल भेजा.

1973

ARPA internet के माध्यम से University college of London और नॉर्वेजिअन रॉयल राडार इस्टैब्लिशमेंट का आपस में संपर्क जुड़ गया.

1976 

महारानी एलिज़ाबेथ ने अपना पहला ईमेल भेजा.

1980

European laboratory for particle physics के वैज्ञानिक बर्नर्स-ली ने enquiry within upon everything नाम का एक प्रोग्राम लिखा जो एक ही network में कई computers में संग्रहित files को आपस में जोड़ता था.

1982

ट्रांसमिशन कण्ट्रोल प्रोटोकॉल/internet protocol को internet के स्टैण्डर्ड ट्रांसमिशन प्रोटोकॉल के रूप में स्वीकार किया गया.

1986 

नैशनल साइंस फॉउंडेशन ने NSFNET त्यार किया जो collages और universities के बीच backbone के रूप में का काम करता था.

1989

बनरस ली ने ग्लोबल हाइपरटेक्स्ट का प्रस्ताव प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा जो दुनिया भर के अनेकों डिजिटल documents को आपस में जोड़े.

1990

CEERN दफ़्तर पर वर्ल्ड वाइड वेब की शुरुआत की गई. इस समय वेब के साथ केवल वही लोग जुड़ सकते थे जो CEERN सिस्टम के साथ जुड़े हुए थे.

1991

Internet पर पहली बार web files alt.hypertext, comp.sys. next, comp.text. sgml और comp.mail.multimedia आई.

1993

एड्रीसन ने पहला web browser मोज़ाइक विकसित किया. White house में पहली बार इसका online इस्तेमाल किया गया. Address था http://www.whitehouse.gov.

1994

Netscape nevigator 1.0 ब्राउज़र जारी हुआ. इसी साल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के खोज़ी विद्यार्थी जैरी यांग और डेविड फ़िले ने yahoo शुरू किया. Yahoo.com आज internet पर सबसे लोकप्रिय websites में से एक है.

1995

Netscape communications corporation नैस्डेक में तीसरी सबसे बड़ी पब्लिक कंपनी बनी.

1996

माइक्रोसॉफ्ट ने माइक्रोसॉफ्ट internet explorer web ब्राउज़र जारी किया.

1997

इंटरनेशनल डाटा कारपोरेशन के एक अनुमान के मुताबिक 1997 में लैब पर 35 करोड़ से अधिक url काम कर रहे थे.

1998

इंटरनेट कॉमर्स यानि e-commerce एक बड़ा कारोबार बना. एक अनुमान के मुताबिक 1998 में क्रिसमस के दिन web के माध्यम से 2.3 अरब डॉलर का कारोबार हुआ.


Advantages and disadvantages of internet in Hindi 


Internet के जहां अनेकों लाभ है जिससे मनुष्यों की ज़िंदगी काफी आसान हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ नुकसान भी है जिनसे हमें बचने का प्रयास करना चाहिए। What is internet in Hindi के इस उल्लेख में अब हम advantages and disadvantages of internet यानि कि internet के लाभ और हानी के बारे में बात करते हैं.

Advantages of internet in Hindi 


Internet कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान करता है:

ईमेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल)

ईमेल के माध्यम से आप दुनिया भर के किसी कोने में भी बैठे अपने रिश्तेदार, दोस्त, सहयोगी एवं ग्राहकों को संदेश भेज सकते हो. इसके माध्यम से आप लोगों से मिल भी सकते हो. इसलिए internet का यह बहुत ही लोकप्रिय करिश्मा है.

ईमेल के माध्यम से आप बहुत ही सस्ते रेट में लोगों के संपर्क में आ सकते हो इसके लिए केवल आपके पास computer या मोबाइल और internet connection होना चाहिए. इसके एलावा इससे वातावरण को भी नुकसान नहीं पहुँचता क्योंकि इसमें कागज़ का इस्तेमाल नहीं होता.

सूचना 

Internet पर हम अपनी दिलचस्पी के विषय के बारे में कोई भी सूचना प्राप्त कर सकते है. अगर आपको किसी अख़बार, शब्दकोष, भाषण अंश, नौकरी आदि के बारे में सूचना प्राप्त करनी हो तो आप internet पर बड़ी आसानी से ले सकते है.

Internet पर ticket booking करके आप अपने घूमने का कार्यक्रम भी बना सकते हो इसके एलावा अगर आपको किसी व्यंजन की recipie पता करनी हो तो internet से बड़ी आसानी से पता लगाया जा सकता है. Internet पर लगभग सारे विषयों के बारे में आप बड़ी आसानी से सूचना प्राप्त कर सकते है.

मनोरंजन 

मनोरंजन के असीमित साधन भी internet के माध्यम से बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाते है. आप अपनी पसंद का रेडियो, टीवी प्रोग्राम, संगीत, मूवी, आदि internet पर ढूंढ़ कर देख सकते हो.

आधुनिक फिल्मों के preview, फ़िल्मी सितारों के interviews और बाज़ार में आने से पहले नए संगीत का मज़ा आप internet से पहले ही ले सकते है. कई प्रकार की games भी आप दूर बैठे लोगों के साथ खेल सकते हो बशर्ते उनके पास भी internet की सुविधा होनी चाहिए.

Program 

Internet के माध्यम से हज़ारों programs आपके computer के लिए प्राप्त हो सकते है जैसे कि word processor, drawing program, खेल और accounting program आदि.

Communication 

आप अपनी दिलचस्पी के विषय के बारे में दुनिया भर के लोगों के साथ सवाल-जवाब कर सकते हो- प्रशन पूछे जा सकते है, सलाह मशवरा हो सकता है और दिलचस्प कहानियां भी पढ़ी जा सकती है.

Internet पर आप विभिन्न विषयों पर बात कर सकते हो. विषय कोई भी हो सकता है जैसे कि भोजन, संगीत, फोटोग्राफी, राजनीति, धर्म, खेलकूद आदि.

इसके एलावा whatsapp, facebook, instagram जैसे social networks के माध्यम से आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठे अपने दोस्त या रिश्तेदार से बहुत ही कम खर्च में बात कर सकते हो और नए मित्र भी बना सकते हो.

Online shopping 

कोई भी वस्तु खरीदनी या बेचनी हो internet आपको यह सुविधा घर बैठे दे सकता है कहने का मतलब कि खरीददारी करने के लिए घर से बाहर जाने की भी जरुरत नहीं. अगर आपके पास internet की सुविधा है तो आप घर बैठे किताबें, piza, म्यूजिक CDS आदि कुछ भी मंगवा सकते हो.

Chat 

Internet पर आप text messages के माध्यम के किसी व्यक्ति के साथ बातचीत या chat कर सकते हो. Internet से भेजा गया message जल्दी ही deliver हो जाता है और दूसरे व्यक्ति की computer स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है. यह बातचीत एक व्यक्ति या लोगों के समूह (groups) के साथ एक ही समय में हो सकती है.

Disadvantages of internet 


जहाँ एक तरफ internet का इस्तेमाल करने के अनेकों फायदे है वहीं दूसरी तरफ इसके बहुत सारे नुकसान भी है जो इस प्रकार है

1. अश्लील सामग्री 

Internet पर अनेकों ऐसी websites है जो अश्लील सामग्री प्रदर्शित करती है जिसका कम उम्र के बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता है हालांकि भारत सरकार द्वारा ऐसी websites को बंद किया जा रहा है लेकिन इन पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाना मुमकिन नहीं है. आज यदि एक वेबसाइट बंद होती है तो अगले ही दिन अनेकों नई websites बन जाती है जिससे कम उम्र के बच्चे ऐसी सामग्री के संपर्क में रहते है.

2. Internet की आदत पड़ना 

यह अक्सर देखा गया है कि बहुत से ऐसे लोग है जिनको internet की लत लग चुकी है जिससे वो अपने काम या पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते है. कुछ लोगों को सोशल मीडिया जैसे कि facebook की इतनी लत लग चुकी है कि वो अपने पूरे दिन का अधिकतर समय facebook पर ही गुजारते है. इससे ना केवल व्यक्ति का कारोबार प्रभावित होता है बल्कि घर वालों को भी परेशानी होती है.

Internet bills 

कुछ internet services काफ़ी महंगी होती है जिससे व्यक्ति कि आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ता है जैसे कि Wi-fi, broadband आदि internet connections के बिल काफ़ी ज्यादा होते है.

Wi-fi, broadband आदि connections का उपयोग तभी करना चाहिए जब आपके कारोबार में इसकी जरुरत हो लेकिन यदि आप एक साधारण internet यूजर हो तो आपको prepaid internet connection का इस्तेमाल करना चाहिए. यह कीमत में काफ़ी सस्ता होता है. जैसे कि jio telecom कंपनी आज भारत में सस्ते रेटों से internet की सुविधा प्रदान करवा रही है जो ना केवल बाकियों के मुकाबले सस्ती है बल्कि इसकी service भी काफ़ी अच्छी है.

World wide web क्या है 


World Wide Web खुद internet का ही एक हिस्सा है. Web में कई प्रकार के दस्तावेज़ (documents) computer पर विश्व भर के लिए भरे रहते है और web internet के साथ websites द्वारा बनता है जो web browsing को support करता है. Web पर आप अपने links को चुनकर वो जिस भी पेज़ पर उपलब्ध है आप एक जगह से दूसरी जगह पर जा सकते हो.
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www kya hai 

यह कोई तस्वीर या highlighted text होता है जो स्क्रीन पर दिखाई देता है. आपके द्वारा picture या text पर click करते ही आपका web browser आपको सम्बंधित लिंक पर ले जाता है. Internet पर sufring करना उतना ही आसान है जितना कि windows का इस्तेमाल करना.

Search engine क्या है 


अगर बात internet की चल रही हो तो search engine की चर्चा के बगैर internet की जानकारी अधूरी है. What is internet in Hindi के इस पोस्ट में हम संक्षेप में समझते है कि search engine क्या है. Search engine वह प्रोग्राम है जिसका उपयोग आप websites, web pages और internet files ढूंढ़ने के लिए करते हो. Search engine के माध्यम से आपको उन topics के बारे में जानकारी मिलती है जिनको आप internet पर ढूंढ़ते हो. इसके लिए सिर्फ search engine में उस topic से सम्बंधित keyword type करना होता है.

यदि आप कोई वेबसाइट पर पहुंचना चाहते हो तो उसके लिए केवल आपको उस वेबसाइट का url याद होना चाहिए. Search engine में उसे type करते ही आप उस वेबसाइट पर पहुँच जाओगे. आज गूगल, yahoo, bing आदि विभिन्न प्रकार के search engines मौजूद है जहाँ से आप जानकारियां ढूंढ सकते है.

Web Page 


Internet या web में एक इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ों का एक विश्वव्यापी संग्रह होता है. Internet पर हर इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ web page कहलाता है. Web page पर text, तस्वीरें, graphics, साउंड या वीडियो के एलावा और documents के in-built connections होते है.

Website क्या है 


एक website कई web पेजों का संग्रह होता है जो कि किसी कॉलेज, यूनिवर्सिटी, government, कंपनी, संघठन या व्यक्ति द्वारा संचालित की जाती है. अधिकतर websites के शुरू में एक homepage होता है जो website में एक table of content की तरह काम करता है.

Web server 


Internet पर जो computer web page स्टोर करता है उसको web server कहा जाता है. Web page दूसरे लोगों को दिखाने के लिए तभी उपलब्ध रहता है जब वो web server पर उपलब्ध हो.

Hyperlinks 


Web page पर उपलब्ध highlighted text या images को hyperlink कहा जाता है. Hyperlink के द्वारा आप website के एक पेज़ से दूसरे पेजों के साथ जुड़ सकते हो. Hyperlink की सहायता से आप बड़ी आसानी से एक web page से दूसरे web page पर जाकर आप topic से सम्बंधित अधिक सूचना ग्रहण कर सकते हो.

एक hyperlink पर click करके आप एक ही computer में मौजूद web page या किसी दूसरे computer में मौजूद web page जो देश या दुनिया के किसी भी हिस्से में हो आप उसपर बड़ी आसानी से जा सकते हो कहने का तात्पर्य है कि एक hyperlink द्वारा आप किसी एक website के पेज़ से किसी दूसरी website पर जा सकते हो.

Hyperlink web page पर highlighted या underlined होता है जिसकी वज़ह से इसकी पहचान करना बिलकुल भी कठिन काम नहीं होता.

 URL क्या होता है 


URL की full form है Uniform Resource Locator. URL किसी भी वेबसाइट के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होता है यदि आपको किसी वेबसाइट या web page का url याद है तो आप google में url type करके सीधा उस वेबसाइट पर जा सकते हो.

एक वेबसाइट या webpage का url http यानि hyper text transfer protocol से शुरू होता है जिसमें computer का नाम, डायरेक्टरी का नाम और web page का नाम दिया गया होता है.

Home page 


किसी वेबसाइट या browser का आरम्भिक पेज़ home page कहलाता है. यह वेबसाइट के लिए किताब के कवर या subject list बनाने के लिए एक सारणी की तरह होता है. इससे वेबसाइट के उदेश्य और विषय के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

पहला web page वो होता है जो web browser पर by default selected होता है. उसके बाद आप अपनी मर्ज़ी से जब चाहो home page बदल सकते हो. वेबसाइट पर home page का layout वेबसाइट के संचालक द्वारा तय किया गया होता है.

वेबसाइट का संचालक अपनी इच्छा से home page edit करके उस पर कुछ भी दिखा और हटा सकता है.

Web browser 


Web browser वह प्रोग्राम होता है जो आपकी world wide web page पर सूचना ढूंढ़ने और देखने की सुविधा प्रदान करता है. आज अधिक उपयोग होने वाले browsers है-

Chrome:- Chrome browser को google chrome web browser के नाम से भी जाना जाता है और यह google search engine का ही एक product है जो अनेकों तरह की सुविधाएं प्रदान करता है.

Microsoft internet explorer:- यह भी एक लोकप्रिय browser है. Microsoft internet explorer Windows 98/2000/ME/XP/Vista Operating System के साथ आता है.

Netscape nevigator:- यह वो web browser है जो विभिन्न operating systems जैसे कि windows, मैकिनटोश, OS2 और UNIX में चलने वाले computers के साथ मिलता है. आपको यह netscape nevigator वेब ब्राउज़र www.netscape.com की वेबसाइट से मुफ्त में मिल सकता है.

Conclusion 


What is internet in Hindi के इस ब्लॉग में internet के बारे में पूरी जानकारी शेयर की गई है जैसे कि internet क्या है, यह कैसे काम करता है और advantages and disadvantages of internet के बारे में बताया गया है. हमें आशा है कि आपको इसी एक ही आर्टिकल what is internet in Hindi में internet के बारे में अच्छी तरह पता चल गया होगा। अगर आपका कोई सवाल हो तो कमेंट करके बताएं हम उसका उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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