राष्ट्रीय प्रतीक - Rashtriya pratik

इस लेख में भारत के राष्ट्रीय प्रतीक, उनके अर्थ और महत्त्व का वर्णन किया गया है. इस पोस्ट में डाली गई समाग्री परीक्षा की त्यारी कर रहे शात्रों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी वैसे भी हर भारतीय नागरिक को अपने देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए इसी उदेश्य से यह लेख लिखा गया है.

राष्ट्रीय प्रतीक 


किसी भी देश के राष्ट्रीय प्रतीक वो होते है जो उस देश की सभ्यता, धर्म, कला, संस्कृति एवं विरासत को दर्शाते है. राष्ट्रीय प्रतिक केवल किसी देश की धरोहर ना होकर उस देश की पहचान होते है. यह देश में रहने वाले अलग-अलग धर्म एवं समुदायों के सभ्याचार को दर्शाते है. भारत के मुख्य राष्ट्रीय प्रतिक इस प्रकार हैं-

राष्ट्रीय ध्वज


भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है. यह आयताकार तीन पट्टियों से बना है. इसमें सबसे ऊपर केसरिया, मध्य में सफेद और नीचे हरा रंग है. केसरिया शक्ति, सफेद शांति और हरा समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. झंडे की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है. सफेद पट्टी के मध्य नीले रंग का एक चक्र है जिसको अशोक चक्र कहा जाता है. चक्र में 24 तीलियाँ है.

rashtriya pratik
Rashtriya pratik


झंडा फहराने के सम्बन्ध में सरकार ने कुछ नियम बनाए है जिनका पालन करना अति आवश्यक है. राष्ट्रीय ध्वज को संविधान सभा में हंसा मेहता ने प्रस्तुत किया था. संविधान सभा ने इसे 22 जुलाई, 1947 को अंगीकार किया था.

भारतीय ध्वज सहिता 2002 के अनुसार सभी भारतीय नागरिक एवं निजी संस्थाओं को राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शन का अधिकार है. जनवरी 2004 ई को मुख्य न्यायाधीश बी.एम खरे की अध्यक्षता में उच्चतम न्यायालय ने यह घोषणा की कि संविधान के अनुच्छेद-19 (1) के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराना हर नागरिक का मूल अधिकार है. प्रसिद्ध गीत "झंडा ऊंचा रहे हमारा" की रचना श्यामलाल प्रसाद गुप्ता ने की है.

भारत का राष्ट्रीय चिन्ह क्या है? 

भारत का राष्ट्रीय चिन्ह सारनाथ में अशोक निर्मित सिंह स्तम्भ की अनुकृति है. इस चिन्ह में चार सिंह है जो एक दूसरे के विपरीत दिशा में घूमकर बैठे हुए है. सामने से इन चार सिंह में से तीन सिंह दिखाई देते है, चौथा पीछे की और छुपा हुआ है और दिखाई नहीं देता. नीचे चौरस पट्टी के मध्य में उभरी हुई नक्काशी में एक चक्र है जिसके दाईं और एक सांड और बाईं और एक घोड़ा है. 

नीचे मुंडकोपनिषद से लिया गया सूत्र "सत्यमेव जयते" देवनागरी लिपि में लिखा गया है. इसका अर्थ है कि 'सत्य की ही हमेशा विजय होती है'.

भारत का राष्ट्रीय चिन्ह कब अपनाया गया? 


भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय चिन्ह 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्रता दिवस वाले दिन अपनाया गया. इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था.

राष्ट्रीय गीत


श्री बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत "वन्दे मातरम" को राष्ट्रीय गीत के समकक्ष स्थान दिया गया है. उनके विख्यात उपन्यास 'आनंदमठ' से लिया गया यह गीत राष्ट्रीय आंदोलन में एक विशेष प्रेरणा-स्रोत रहा है. इस गीत को सबसे पहले 1996 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था.

राष्ट्रीय गान 


रविंदर नाथ टैगोर के गीत "जन गन मन" को 24 जनवरी, 1950 को राष्ट्रीय गान के रूप में स्वीकार किया गया. यह गीत "भारत विधाता" शीर्षक से सर्वप्रथम 'तत्व बोधिनी' पत्रिका के जनवरी, 1912 के अंक में प्रकाशित हुआ. यह गीत मूल रूप से बंगाली भाषा में लिखा गया था. राष्ट्रीय गान (National Anthem) पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को भारतीय कांग्रेस के कलकत्ता (कोलकाता) अधिवेशन में गाया गया था. पूरे गीत के 5 पद है. इसमें प्रथम पद को राष्ट्र गान के रूप में स्वीकार किया गया है. राष्ट्र गान का निर्धारित समय लगभग 52 सेकण्ड है.

नोट:- भारतीय संसद के अधिवेशन का प्रारम्भ "जन गन मन" से होता है और समापन "वंदे मातरम" के गायन से होता है.

राष्ट्रीय पंचांग 


सरकारी कार्यों में प्रयोग हेतु राष्ट्रीय पंचांग 22 मार्च, 1957 से अपनाया गया है. यह पंचांग शक संवत पर आधारित है  78 ई. में प्रारम्भ हुए शक संवत का पहला महीना चैत्र है और वर्ष 365 दिन का है. इस पंचांग के दिन स्थाई रूप से ग्रेगरियन कैलेंडर से सम्बंधित दिनों के अनुरूप बैठते है. इस प्रकार सामान्य वर्षों में पंचांग का पहला दिन 22 मार्च के दिन आता है और लोंद (लीप) वर्ष 21 मार्च के दिन.

राष्ट्रीय पंचांग के माह इस प्रकार हैं:- 1. चैत्र, 2. बैशाख, 3. ज्येष्ठ, 4. आषाढ़, 5. श्रावण, 6. भाद्रपद, 7. आशिवन, 8. कार्तिक, 9. मार्गशीर्ष, 10. पौष, 11. माघ, 12. फाल्गुन.

राष्ट्रीय पशु 


भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है. साधारण भाषा में इसे टाइगर भी कह दिया जाता. बाघ का वैज्ञानिक नाम पैंथरा टाइगर्स- लीन्नान्यस है. यह मुख्य रूप से भारत के बंगाल राज्य में पाया जाता है.

राष्ट्रीय खेल


भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है. भारत स्वतंत्रता से पूर्व हॉकी खेलता आया है. हॉकी में भारत ने अपना सर्वप्रथम स्वर्ण पदक 1928 में जीता और आखरी स्वर्ण पदक 1980 में जीता था. पहला स्वर्ण पदक जितने में ध्यानचंद की मुख्य भूमिका रही थी जिस वजह से उन्हें हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है.

हॉकी की वजह से ही भारत को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली इसलिए स्वंत्रता के पश्चात हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया.

राष्ट्रीय पक्षी 


भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है. भारत सरकार ने 1 फरवरी, 1963 को मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था. इसका वैज्ञानिक नाम पावो क्रिस्टेटस है. परीक्षाओं में अक्सर भारत के राष्ट्रीय पक्षी का वैज्ञानिक नाम पूछा जाता है इसलिए आपको वैज्ञानिक नाम अवश्य याद रखने चाहिए.

राष्ट्रीय पुष्य 


भारत का राष्ट्रीय पुष्य कमल है जिसका वैज्ञानिक नाम नेलम्बो न्यूसीफेरा गार्टन है. भारतीय संस्कृति में इसको पवित्र फूल माना जाता है इसके एलावा कला और हिंदू माइथोलॉजी में इसका एक विशेष स्थान है. कमल का फूल भारत की पुरातन संस्कृति को दर्शाता है इसलिए इसको राष्ट्रीय पुष्य के तौर पर मान्यता दी गई है.

राष्ट्रीय फल 


भारत का राष्ट्रीय फल आम है अंग्रेजी भाषा में यह मैंगो के नाम से जाना जाता है. वैज्ञानिक भाषा में इसे मैंगीफेरा इंडिका कहा जाता है. आम ऐसा फल है जो भारत में उत्पन्न हुआ भारत एकमात्र देश है जहाँ आम की 100 से अधिक किस्में पाई जाती है. पोस्टटिक और स्वादिष्ट होने की वजह से इसे फलों का राजा भी कहा जाता है.

राष्ट्रीय वृक्ष 

बरगद के पेड़ को भारत के राष्ट्रीय वृक्ष के रूप में अपनाया गया है. इसका वैज्ञानिक नाम फाइकस बेघालेसिस है. बरगद का पेड़ खुद अपनी जड़े बनाकर नए पेड़ों को जन्म देता है, बरगद के पेड़ की इस विशेषता के कारण इसको अजर और अमर माना जाता है. यह पुरातन समय से भारतीय मान्यताओं का अभिन्न अंग रहा है यही वजह है कि बरगद के पेड़ को भारत के राष्ट्रीय वृक्ष के तौर पर मान्यता दी गई है.

राष्ट्रीय नदी 


अगर राष्ट्रीय नदी की बात की जाए तो गंगा नदी को 4 नवंबर, 2008 को भारत की राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया था. गंगा नदी भारत की सबसे लंबी नदी है जिसके इर्द-गिर्द बड़ी आबादी का निवास है और हिंदू धर्म में इसको सबसे पवित्र नदी माना जाता है. प्राचीन ग्रंथों में इसका जिक्र होने के कारण इसको धार्मिक धरोहर के एलावा राष्ट्रीय धरोहर भी माना जाता है.


राष्ट्रीय जलीय जीव 


गंगा डॉलफिन को 5 अक्टूबर, 2009 को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था. यह डॉलफिन गंगा नदी में पाई जाती है इसलिए इसको गंगा डॉलफिन (Ganges river dolphin) कहा जाता है. डॉलफिन का वैज्ञानिक नाम पलाटानिस्टा गैंगटिक है.

भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली डॉलफिन दो प्रकार की होती है:- 1. Ganges river dolphin और indus river डॉलफिन. गंगा डॉलफिन गंगा नदी में पाई जाती है और इंडस रिवर डॉलफिन भारत की इंडस नदी में पाई जाती है.

राष्ट्रीय विरासत पशु 

गज यानि हाथी को भारत के राष्ट्रीय पशु के तौर पर जाना जाता है. वैज्ञानिक भाषा में इसको एलिफास इंडिका के नाम से जाना जाता है. 

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