Supreme court kaha hai- सुप्रीम कोर्ट कहां है - सुप्रीम कोर्ट की स्थापना कब हुई?

क्या आपको भारत के supreme court से सम्बंधित बेसिक जानकारी है? जैसे कि supreme court kaha hai, भारत में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना कब हुई, सुप्रीम कोर्ट का अध्यक्ष कौन है और सुप्रीम कोर्ट में कितने न्यायाधीश होते है?  इस तरह के सवाल विधियार्थियों को अक्सर परीक्षा में पूछे जाते है इसलिए supreme court से जुड़े कुछ तथ्य आपको अच्छे से पता होनी चाहिए यदि आप विद्यार्थी नहीं भी है तो भी supreme court के बारे में आपको पता होना चाहिए. चलिए हम सबसे पहले बात करते है कि सुप्रीम कोर्ट कहा है उसके बाद स्टेप बाई स्टेप बाकी जानकारी भी पढ़िएगा.

supreme court kaha hai
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सुप्रीम कोर्ट कहाँ है? 


सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायालय है. यह भारत की राजधानी दिल्ली के तिलकमार्ग क्षेत्र में स्थित है. सभी देशों के सर्वोच्च न्यायालय उन देशों की राजधानियों में ही स्थित होते है. दिल्ली भारत की राजधानी है इसलिए देश का सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में है. अब आप समझ गए होंगे कि supreme court kaha hai और सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में ही क्यों है.

सुप्रीम कोर्ट की स्थापना कब हुई? 


भारतीय सविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत 1950 में भारत के supreme court यानि सर्वोच्च न्यालय की स्थापना की गई, जो देश का शीर्ष न्यालय है और अंतिम न्यालय भी. उस समय एक मुख्य न्यायमूर्ति और 7 अन्य न्यायधीश थे.

भारत के सर्वोच्च न्यायालय में कितने नयायाधीश होते है? 


वर्तमान में supreme court में एक मुख्य नयायाधीश तथा 33 अन्य नयायाधीशों सहित कुल 34 नयायाधीश है. संसद को अधिकार है कि वो नयायाधीशों की संख्या निश्चित करे. जब सुप्रीम कोर्ट की स्थापना हुई उस वक़्त नयायाधीशों की कुल संख्या केवल 8 थी लेकिन काम बढ़ने की वजह से 1956 में जजों की गिणती बढ़ाकर 11 कर दी गई.

उसके बाद जैसे जैसे काम बढ़ता गया नयायाधीशों की संख्या लगातार बढ़ती गई. 1960 में जजों की संख्या 14 कर दी गई उसके बाद 1977 में इसे बढ़ाकर 18 कर दिया गया उसके बाद 1986 में संख्या और बढ़ाकर 26 कर दी गई और आज मुख्य नयायाधीश सहित जजों की कुल गिणती 34 है.

सुप्रीम कोर्ट का अध्यक्ष कौन है? 


मुख्य न्यायाधीश को ही सुप्रीम कोर्ट का अध्यक्ष माना जाता है. इस समय सुप्रीम कोर्ट मौजूदा अध्यक्ष शरद अरविंद बोबोडे है जिन्होंने ने 18 नवंबर, 2019 को मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण की थी. इनसे पहले सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष रंजन गोगोई थे जो 17 नवंबर, 2019 को सेवामुक्त हो गए थे.

नयायाधीशों की योग्यताएँ 


Supreme court का नयायाधीश नियुक्त होने के लिए निम्नलिखित योग्यताएँ आवश्यक है

1. भारत का नागरिक हो.

2. किसी उच्च न्यायालय (High Court) में अथवा दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम से कम 5 वर्षों तक नयायाधीश के पद पर रह चुका हो या किसी उच्च न्यायालय में कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो या राष्टपति की दृष्टि में विधि का विद्वान हो.

न्यायधीशों की नियुक्ति 


Supreme court यानि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीशों को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है. Supreme court के मुख्य नयायाधीश इस प्रसंग में राष्ट्रपति को परामर्श देने के पूर्व अनिवार्य रूप से "चार वरिष्ठम नयायाधीशों के समूह जिसको कॉलेजियम कहा जाता है उनसे परामर्श प्राप्त करते है तथा प्राप्त परामर्श के आधार पर राष्ट्रपति को किसी भी न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए सलाह देते है.

सुप्रीम कोर्ट के नयायाधीशों की सैलरी तथा भत्ते 


वर्तमान समय में supreme court के मुख्य न्यायाधीश को 2.8 लाख प्रति माह तथा अन्य नयायाधीशों को 2.5 लाख प्रति माह वेतन प्राप्त होता है. उनके वेतन व भत्ते भारत की संचित निधि से दिए जाते है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल कितना होता है? 


Supreme court के नयायाधीशों के लिए कोई भी न्यूनतम उम्र निर्धारित नहीं है लेकिन नियुक्ति होने के बाद उनका कार्यकाल उनकी आयु के 65 वर्ष तक होता है किन्तु इससे पूर्व वह राष्ट्रपति को सम्भोधित कर अपना अस्तीफा दे सकता है. भारतीय सविधान के अनुच्छेद 124(4) के अनुसार Supreme court के नयायाधीशों को केवल प्रमाणित सदाचार तथा शारीरक या मानसिक असमर्थता के आधार पर संसद के प्रत्येक सदन द्वारा विशेष बहुमत प्रक्रिया द्वारा पारित "विशेष प्रस्ताव" के माध्यम से हटाया जा सकता है.

महाभियोग की प्रक्रिया 

प्रथम बार (1991-93 में) supreme court के नयायाधीश बी. रामास्वामी के विरुद्ध तथा 2011 में कोलकाता के high court के मुख्य नयायाधीश सौमित्र सैन के विरुद्ध संसद में विशेष प्रस्ताव लाया गया. उन्होंने प्रस्ताव पारित होने से पहले ही त्यागपत्र दे दिया था.

 कार्य एवं क्षेत्राधिकार 


1. प्रारंभिक क्षेत्राधिकार 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत supreme court को संघ तथा राज्यों या राज्यों तथा राज्यों के बीच विवादों का हल निकालने का प्रारंभिक क्षेत्राधिकार है.

इस क्षेत्राधिकार के तहत supreme court उसी विवाद को निर्णय के लिए स्वीकार करेगा जिसमें किसी तथ्य या विधि का प्रशन शामिल है.

2. अपीलीय क्षेत्राधिकार 

Supreme court देश का सर्वोच्च अपीलीय न्यायालय है. संविधान के अनुच्छेद 132 के तहत High court के अंतिम आदेश या निर्णय के के विरुद्ध supreme court में अपील की जा सकती है.

3. परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार 

संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति supreme court से सार्वजनिक महत्त्व के किसी मामले पर सुझाव मांग सकता है. Supreme court आवकश्यता अनुसार सुझाव दे भी सकता है और इनकार भी कर सकता है.

4. अन्तरण का क्षेत्राधिकार 

Supreme court, High courts में लंबित मामलों को अपने यहां अन्तरित कर सकता है तथा किसी high court में लंबित मामलों को किसी दूसरे high court में अन्तरित कर सकता है.

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में क्या अंतर है? 


High court किसी राज्य का उच्चतम न्यायालय होता है जबकि सुप्रीम कोर्ट पूरे देश का उच्चतम न्यायालय है.

High court द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट के पास अधिकार है कि वो हाई कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले को बरकरार रख सकता है और बदल भी सकता है लेकिन हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के किसी भी फैसले को बदल नहीं सकता. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाया गया फैसला अंतिम होता है.

हाई कोर्ट में केवल एक राज्य के लोगों के मामलों को निपटाया जाता है जबकि सुप्रीम कोर्ट में पूरे देश के नागरिकों के मामलों पर सुनवाई होती है.

हाई कोर्ट के मुख्य नयायाधीश की नियुक्ति सम्बंधित राज्य के राजयपाल और देश के राष्ट्रपति की सलाह से होती है जबकि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य नयायाधीश की नियुक्ति करते समय किसी राजयपाल से मशवरा नहीं किया जाता केवल राष्ट्रपति ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य नयायाधीश की नियुक्ति करता है.

हाई कोर्ट के नयायाधीशों अपनी 62 साल की आयु में सेवामुक्त हो जाते है जबकि सुप्रीम के नयायाधीशों की सेवामुक्ति की समय सीमा 3 साल अधिक है. सुप्रीम कोर्ट के नयायाधीश अपनी उम्र का 65 साल का आंकड़ा पूरा होने पर सेवामुक्त होते है.

भारत में सर्वोच्च न्यायालय कितने हैं? 


दुनिया का कोई भी देश हो उसका supreme court केवल एक ही होता है उसी तरह भारत में भी केवल एक ही supreme court यानि सर्वोच्च न्यायालय है जिसके एक मुख्य न्यायाधीश और 30 अन्य न्यायाधीश होते है.

सुप्रीम कोर्ट को उच्चतम न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय भी कहा जाता है. यहां आप उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय शब्द सुनकर कंफ्यूज मत होना क्योंकि इनमें अंतर है. उच्चतम न्यायालय का अर्थ है supreme court और उच्च न्यायालय का अर्थ है high court. हाई कोर्ट हर राज्य में होता है जबकि सुप्रीम कोर्ट पूरे देश में केवल एक ही है.

भारत में हाई कोर्ट की संख्या कितनी है? 


भारतीय संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, लेकिन संसद विधि द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों और किसी संघ राज्य के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित कर सकता है. वर्तमान में 25 उच्च न्यायालय है जो 28 राज्यों व 9 संघशासित प्रदेशों तक विस्तृत है.

निष्कर्ष 


इस आर्टिकल के माध्यम से हमें उम्मीद है आपको supreme court के बारे में आवश्यक जानकारी मिल गई होगी जैसे कि supreme court kaha है, सुप्रीम कोर्ट का अध्यक्ष कौन है, भारत में सर्वोच्च न्यायालय कितने है आदि. इस किस्म के सवाल अक्सर परीक्षा में आते है उम्मीद है इस एक ही लेख के माध्यम से आपको supreme court से जुडी सारी जानकारी मिल गई होगी।

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