जेल जाने के डर से अर्नब गोस्वामी ने खुद रची पिटाई की झूठी कहानी, देखिए सबूत

टीवी चैनल पर साम्प्रदायिक नफरत फैलाने वाले मीडिया एंकर अर्नब गोस्वामी ने साधुओं की हत्या के बाद कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी की कोई प्रतिक्रिया ना आने पर उनकी आलोचना करते हुए उनके प्रति काफी भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने उसपर FIR दर्ज़ करवा दी और गिरफ्तारी की मांग की. 



पुलिस जब हरकत में आई तो गिरफ्तारी से बचने के लिए अर्नब गोस्वामी ने स्टूडियो से घर जाते वक्त खुद पर हमला होने की झूठी कहानी बना ली. अर्नब गोस्वामी द्वारा रची गई झूठी कहानी के कुछ सबूत हम आपको दिखाते है जो इस बात की तरफ इशारा करते है कि अर्नब गोस्वामी पर हुआ हमला उसके द्वारा रचा गया केवल एक षड़यंत्र था. 

पहला सबूत 

पहला सबूत संबित पात्रा द्वारा किया गया एक ट्वीट है जो अर्नब गोस्वामी पर हमला होने की सूचना देने से पहले ही आ गया. संबित पात्रा अपने ट्वीट में अर्नब गोस्वामी पर हुए हमले की निंदा करते हुए नज़र आ रहे है. नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में आप देख सकते है कि रिपब्लिक टीवी ने ट्वीट के माध्यम से 1:06 मिनट पर अर्नब गोस्वामी पर हुए हमले की सूचना दी लेकिन संबित पात्रा का ट्वीट 1:05 मिनट पर आया यानि ठीक एक मिनट पहले. अब सवाल यह है कि संबित पात्रा को पहले कैसे पता चला कि अर्नब गोस्वामी पर हमला हुआ है? 



दूसरा भारत में लॉकडाउन की वजह से चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है और अर्नब गोस्वामी के पास सिक्योरिटी गार्ड भी है तो ऐसे में हमलावर कहाँ से आ गए और हमला करके कहाँ चले गए और तीसरी बात यह भी है कि अर्नब गोस्वामी के पास उसपर हुए हमले की कोई वीडियो भी नहीं है जिससे पता चले कि उसपर हमला हुआ है. 

दूसरा सबूत

दूसरा सबूत अशोक पंडित द्वारा किया गया ट्वीट है जिसमें उन्होंने 12 बजकर 55 मिनट पर ही अर्नब गोस्वामी पर हुए हमले की निंदा कर दी मानो अशोक पंडित कोई अंतर्यामी हो और उसे पहले ही पता था कि अर्नब गोस्वामी पर हमला होने वाला है जबकि अर्नब गोस्वामी पर हुए हमले की सूचना 1 बजकर 6 मिनट पर रिपब्लिक टीवी द्वारा दी गई. अब सवाल यह है कि संबित पात्रा और अशोक पंडित को पहले कैसे पता चला कि अर्नब गोस्वामी पर हमला होने वाला है. 


तीसरा सबूत

तीसरा सबूत संबित पात्रा द्वारा अपलोड की गई वीडियो है जो हमला होने से पहले ही योजना के तहत बना ली गई थी. गौरव पंधि ने इस बात का अपने ट्वीट के माध्यम से दावा किया है कि meta data के अनुसार अर्नब गोस्वामी द्वारा डाली गई वीडियो हमला होने से पहले ही बना ली गई थी. इसके इलावा गौरव पंधि का कहना है कि अर्नब गोस्वामी को सरकार ने Y केटेगरी की सिक्योरिटी दे रखी है ऐसे में उन्होंने हमलावरों को छोड़ कैसे दिया?

अर्नब गोस्वामी द्वारा अपने टीवी पर साम्प्रदायिक नफरत फैलाने और विपक्षी पार्टियों के नेताओं के प्रति भद्दी शब्दावली का उपयोग करने की वजह से भारत के कई राज्यों में रिपब्लिक टीवी बंद करने की मांग हो रही है और अर्नब गोस्वामी पर कानूनी कार्यवाई की मांग भी उठ रही है. अब अनुमान तो यही लगाया जा रहा है कि उस पर हुई FIR के बाद पुलिस जब हरकत में आई तो उसने खुद पर हमला होने का षड़यंत्र रच लिया और सारा इलज़ाम कांग्रेस पर लगा दिया. 

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