दुबई में शाही परिवार के नाम पर पैसा जुटाने के आरोप में RSS का करीबी पुजारी गिरफ्तार


गुरुवार के दिन सुधीर प्रभाकर नाम के एक पुजारी को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दोष है कि सुधीर प्रभाकर शाही परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पैसा इकठ्ठा कर रहा था जिसके बाद शाही परिवार के सदस्य ने उसपर एफआईआर दर्ज करवाई. FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया लेकिन पुजारी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने हस्तकक्षेप करते हुए उसकी जमानत करा ली. 

बताया जा रहा है कि भारतीय महावाणिज्य के दूत विपुल खुद सुधीर प्रभाकर की जमानत करवाने पहुँचे. विपुल इससे पहले केंद्रीय मंत्री रह चुकी सुषमा स्वराज के साथ काम कर चुका है. पुजारी की गिरफ्तारी के बाद भारतीय दूतावास द्वारा तुरंत हरकत में आना यह दर्शाता है कि सुधीर प्रभाकर आरएसएस का कितना निकटवर्ती है.

शाही परिवार के नाम पर पैसा जुटाने का कारण सुधीर प्रभाकर द्वारा दुबई में आरम्भ किया गया चार मंदिरों का निर्माण बताया जा रहा है. सुधीर प्रभाकर शाही परिवार के साथ तीन कंपनियों में भी सहयोगी था. उसने शाही परिवार से वादा किया था कि वो भारत से उनकी कंपनी में निवेश करवाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

सुधीर प्रभाकर सोशल मिडिया पर काफी सक्रिय रहता है. उसने फेसबुक पर महंत सुधीर दास पुजारी नामक एक पेज बना रखा है. फेसबुक पेज पर उसने आरएसएस के अध्यक्ष मोहन भागवत के साथ फोटो लगाई हुई है. उसका फेसबुक अकाउंट चैक करने पर उसकी शवि पाकिस्तानी विरोधी उभर कर आती है लेकिन अरब देशों से वो भारत के अच्छे रिश्तों होने की हिमायत करता है.

अगर सुधीर प्रभार की बैकग्राउंड की बात की जाए तो वो मायावती की पार्टी बसपा से 2009 में नासिक से चुनाव लड़ चुका है जिसमें उसकी हार हुई थी उसके बाद वो विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस से जुड़ गया. सबसे पहले सुधीर प्रभाकर सुर्खियों में तब आया जब उसने नासिक में दलितों के लिए मंदिर बनाने की घोषणा की. उसके बाद उसको बसपा से MLA का टिकट मिला।

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