USCIRF रिपोर्ट: भारत एक कट्टर धार्मिक देश है, अमित शाह पर भी बैन लगाने की मांग


धार्मिक आज़ादी के मामलों की निगरानी करनी वाली अमरीका की एक संस्था USCIRF यानि United States comission on international religious freedom ने एक रिपोर्ट जारी की है. इस अमरीकी संस्था द्वारा उन देशों की रिपोर्ट जारी की जाती है जिन देशों में धार्मिक आज़ादी का उलंघन किया जा रहा हो अर्थात जहाँ लोगों की धार्मिक आज़ादी छीनी जा रही हो. USCIRF की लिस्ट में पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब, सीरिया, नाइजीरिया, आदि पहले से शामिल है क्योंकि इनमें से अधिकांश देश धर्म के आधार पर बने है.

इस तरह भारत जो एक धर्म निरपेक्ष (secular) देश कहलाता था अब वो भी धार्मिक कट्टरता वाले देशों की सूची में शामिल हो गया है. 2004 के बाद यह पहली बार हुआ है जब भारत को type-2 देशों की श्रेणी में डाला जा रहा है क्योंकि भारत में लोगों की धार्मिक आज़ादी छीनी जा रही है.

USCIRF ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि जम्मू कश्मीर से धारा 344 हटाकर वहां के लोगों की आज़ादी छीनी गई है और धार्मिक प्रताड़ना की संस्कृति बनाई गई है.  USCIRF ने आगे अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नागरिकता कानून लागू करके भारत सरकार लाखों मुसलमानों को detention सेंटर में डालकर उन्हें देश निकाला देना चाहती है. USCIRF ने कहा है कि बीजेपी ने 2019 के बाद दोबारा सत्ता में आने के बाद ऐसी नीतियाँ बनाई है जिनसे लगातार धार्मिक आज़ादी का उलंघन जारी है खासकर मुसलमानों के खिलाफ.

USCIRF ने अपनी रिपोर्ट में अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बयानों का हवाला देते हुए कहा है कि अमित शाह का मानना है कि प्रवासी नागरिक देश को दिमाक की तरह चिपके हुए है वहीं योगी आदित्यनाथ का कहना था कि जो लोग नागरिकता कानून का विरोध कर रहे है उन्हें बरियानी नहीं बल्कि गोली खिलाई जाएगी. जाहिर है यह बयान सीधे तौर पर मुसलमानों के खिलाफ थे. भारत में चल रही इस तरह की हिंदुत्व की सियासत की वजह से USCIRF ने भारत को धार्मिक कट्टरता वाला देश घोषित करने की मांग की है.

अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बयान के एलावा USCIRF ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली में मुस्लिम विरोधी दंगों का भी जिक्र करते हुए कहा है कि फरवरी, 2020 में दिल्ली की सड़कों पर हिंसा भड़कती रही, ग्रह मंत्री अमित शाह के अंतर्गत काम करने वाली दिल्ली पुलिस इसे रोकने में असमर्थ रही और खुद जनूनी भीड़ के साथ मिलकर मुसलमानों पर हमलावर हो गई.

हाल में हुई इस तरह की घटनाओं को देखते हुए अमरीकी आयोग USCIRF ने भारत को एक धार्मिक कट्टरता वाला देश घोषित करने के साथ अमित शाह पर भी अमरीका में बैन लगाने की मांग की है. इससे पहले 2002 में गुजरात में हुए दंगों के बाद अमरीका ने नरेंद्र मोदी की हवाई यात्रा पर बैन लगा दिया था और नरेंद्र मोदी के सभी वीज़ा भी रद्द कर दिए थे क्योंकि अमरीकी आयोग ने गुजरात में हुए मुस्लमान विरोधी दंगों के लिए नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया था.

USCIRF की रिपोर्ट आने के बाद भारत सरकार तिलमिला उठी है. USCIRF की रिपोर्ट आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए अमरीकी आयोग की रिपोर्ट को सिरे से खारिज़ कर दिया है. भारत में धर्म के नाम पर अल्पसंख्यक आबादी पर हो रही धार्मिक प्रताड़ना को छिपाने के लिए सरकार USCIRF की रिपोर्ट को गलत साबित करने की कोशिश में जुटी हुई है.

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