मोटापा कैसे कम करें - Motapa kaise kam kare

दुनिया भर में एक तिहाई लोग मोटापे का शिकार हैं. यह रोग एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है. ना सिर्फ बच्चों में बल्कि वयस्कों में भी मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. WHO के मुताबिक दुनिया भर में 5 मिलियन यानि 50 लाख बच्चे मोटापे का शिकार हैं. इसके एलावा 22 लाख लोग हर साल मोटापे की वजह से अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं.

पीडिएट्रिक ओबेसिटी नामक एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार भारत में मोटापे से पीड़त बच्चों की संख्या 2025 तक 1.7 करोड़ तक पहुँच जाएगी. इस तरह संभावना है भारत आने वाले समय में मोटे बच्चों के मामले में दुनिया के 183 देशों में से दूसरे स्थान पर आ जाएगा. इस रोग की गंभीरता को देखते हुए हमने इस पोस्ट में बताया यही बताया है कि मोटापा कैसे कम करें जिससे आपको मोटापा कम करने में सहायता मिल सकती है.

Motapa kaise kam kare

मोटापा क्या है 


मोटापा वह अवस्था है जिसके कारण शरीर में वसा (चर्बी) का अत्यधिक संचय हो जाता है. इसमें व्यक्ति का वजन उसकी उम्र और कद से हिसाब से अधिक हो जाता है शरीर में उत्पन्न हुई इस अवस्था को मोटापा कहा जाता है.

मोटापे के कारण 


1. थायराइड ग्लैंड, पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland), उपवृक्क ग्रंथि (Suprarenal Gland) तथा वृषण ग्रंथि (Testes) में वकृति के कारण जब शरीर में harmones का संतुलन बिगड़ जाता है उस स्थिति में शरीर में वसा (चर्बी) जमा होने लगती है. जिसके कारण मोटापा होता है.

2. व्याम, परिश्रम जैसी शारीरक क्रियाए ना करना, भोजन में घी एवं मीठे पदार्थों का अधिक सेवन करने से भी मोटपा हो जाता है.

3. संसार के कुछ देशों के लोगों में स्वाभाव से (प्राकर्तिक रूप से) मोटापा पाया जाता है जैसे डच, जर्मनी, भारतीय तथा श्रीलंका के निवासी.

4. शरीर का metabolic rate कम हो जाने के कारण भी शरीर में अधिक चर्बी बनने लगती है जिससे मोटापा हो जाता है.


मोटापे के लक्षण


1. मोटापा बढ़ने से शरीर में वसा (चर्बी) की मात्रा अधिक हो जाती है.

2. पेट बढ़ जाता है

3. शरीर का गठन देखने में अच्छा नहीं लगता यानि सौन्दर्य नष्ट होने लगता है.

4. भूख में वृद्धि हो जाती है

5. नींद अधिक आती है

6. पसीने से दुर्गन्ध आती है.

7. साधारण परिश्रम से ही सांस फूलने लगती है


मोटापा कैसे कम करें 


मोटापा कम करने के लिए औषदि सेवन से अधिक शारीरिक व्यायाम और आहार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. प्रातः समय (सूर्योदय से पूर्व) खुली हवा और स्वच्छ वातावरण में भ्रमण (मॉर्निंग वॉक) करना चाहिए. दूध के स्थान पर छाछ का सेवन करना हितकारी रहता है. भोजन में घी व तेल का सेवन करना हानिकारक सिद्ध होता है. इसलिए इस प्रकार का भोजन अपनी खुराक से निकाल देना चाहिए.

विशेष:- मोटापा कम करने के लिए कुछ लोग कई दिनों का उपवास (डायटिंग) करते है और इस दौरान चाय का सेवन करते है. इससे एक बार तो मोटापा कम हो जाता है किन्तु पुनः आहार सेवन करने पर मोटापा बढ़ने लगता है इसलिए मोटापे को धीरे-धीरे ही कम करना चाहिए.


मोटापा कम करने के लिए आयुर्वेदिक प्रयोग 


1. सौंठ, काली मिर्च, पीपल, जीरा, चित्रक, चव्य और काला नमक प्रत्येक औषधि 10-10 ग्राम और घी में भुनी हुई हींग 5 ग्राम लेकर सभी को विधिवत कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें. यह चूर्ण 3-3 ग्राम सुबह-शाम शहद के साथ सेवन करने से मोटापा कम होता है.

2. प्रात: समय लगभग 7 बजे और सायं समय लगभग 5 बजे लौह रसायन और गिलोय सत्व 2-2 रत्ती मिलाकर शहद के साथ तथा और उसके 2 घंटे बाद प्रवाल पंचामृत 1 रत्ती व गोदंती भस्म 2 रत्ती मिलाकर शहद के साथ तथा दिन में 2 बार भोजनोपरांत कुमायारस्व 2-3 चम्मच समभाग जल में मिलाकर और रात्रि को सोते समय एरण्ड तेल (रिफाइन्ड कैस्टर आयल) दो-ढाई तोला दूध के साथ सेवन करना चाहिए.

3. मोटापे के साथ अग्निमाघ, अरुचि, मानसिक व शारीरक दुर्बलता आदि की दशा में रोगी को प्रातः समय त्रिफला अवलेह 1 चम्मच दूध के साथ उसके एक घंटे बाद और शाम के 4-5 बजे चव्यादि चूर्ण 2-3 माशा/ग्राम ताजा जल के साथ एवं दोपहर में भोजन के बाद अभ्यारिष्ट 3 चम्मच समभाग पानी मिलाकर दें और रात के भोजन के बाद 3 चम्मच कुमार्यासव 3 चम्मच समभाग पानी मिलाकर दें.

रात्रि को सोने से पहले मुक्ता भस्म 1 रत्ती और लौह रसायन 2 रत्ती मिलाकर शहद के साथ सेवन कराने के 30 मिनट बाद गाय का दूध (मिश्री युक्त) रोगी को सेवन कराए.

4. यदि मोटापा होते हुए रोगी के शरीर में शक्ति की कमी, स्मरणशक्तिहीनता आदि कष्ट हो तो सुबह लगभग 7 बजे और शाम को लगभग 4-5 बजे शिलाजत्वादि वटी 2 रत्ती व माणिक्य भस्म 1 रत्ती मिलाकर शहद के साथ और इसके 1 घंटे बाद (दोनों समय) अमृतादि गुग्गुल (उचित मात्रा में) पानी के साथ एवं भोजनोपरांत दोनों समय कुमार्यासव 3-3 चम्मच सामान भाग पानी मिलाकर तथा रात्रि को सोते समय हरीतकी खंड 1 चम्मच दूध के साथ सेवन कराए.

5. यदि रोगी को मोटापे के कारण चलना अच्छा ना लगे या सांस फूलने लगती हो तो सामान्य शक्तिवर्धक, जो हृदय को भी शक्ति प्रदान करे ऐसी औषदियों का सम्मिश्रण प्रयोग करना चाहिए जैसे

सुबह को लगभग 7 बजे वासा हरीतकी अवलेह 1 चम्मच दूध के साथ रोगी को नाश्ते के रूप में दें और उसके 1 घंटे बाद तथा शाम के 4 बजे प्रवाल भस्म, शंख भस्म और कपर्दिका भस्म सब मिलाकर 2 रत्ती की मात्रा में शहद के साथ सेवन कराए.

भोजनोपरांत दोनों समय अभ्यारिष्ट और द्राक्षारिष्ट समान भाग का मिश्रण 3 चम्मच सामान भाग जल मिलाकर सेवन कराएं और रात्रि में सोते समय चंद्रावलेह 1 चम्मच गाय के दूध के साथ सेवन कराएं.

6. यदि रोगी में रक्तदोष की अधिकता अनुभव हो तो सुबह 7 बजे और शाम को 4-5 बजे के मध्य शिलासिंदूर 1 रत्ती+प्रवाल 2 रत्ती मिलाकर मधु के साथ दें, उसके 1 घंटे बाद बड़ी कटोरी कांचनार की छाल, करंज की छाल और पियाबांसा सब मिलाकर 2 तोला का विधिपूर्वक बनाया हुआ काढ़ा (जब 32 तोला का पानी 4 तोला बाकी रह जाए) 1 चम्मच शहद मिलाकर दें तथा भोजनोपरांत दिन में दो बार कुमार्यासव और विडंगारिष्ट का मिश्रण 3 चम्मच सामान भाग पानी मिलाकर सेवन कराएं. रात को सोते समय एरण्ड पाक 1 चम्मच 250 मिली दूध के साथ सेवन कराएं.

मोटापा कम करने के लिए शास्त्रोक्त औषदियां 


1. अमृतादि गुग्गुल:- यह मोटापा दूर करने के अतिरिक्त भगंदर आदि रोगों में भी लाभकारी है. 1 माशा तक आयु+मोटापे अनुसार शहद के अनुपान से सेवन कराएं.

2. नवक गुग्गुल:- यह औषदि मोटापा दूर करने के अतिरिक्त कफ विकार तथा आमवात जन्य उपसर्गों में भी हितकारी है. 4 रत्ती रोगी की आयु+बल के अनुसार शहद के साथ सेवन कराएं.

3. लौह रसायन:- यह औषदि भी मोटापा कम करने के लिए बहुत उपयोगी है. इसके अतिरिक्त भगंदर, कुष्ठ, उन्माद, ज्वर, मूर्छा व प्रमेह आदि अनेक रोगों में इसका सेवन करने से लाभ मिलता है. यह रसायन बढ़े हुए पेट को घटाता है और शरीर को शक्ति देता है. इसका 4 रत्ती सेवन आयु+बलानुसार गाय के दूध के साथ सेवन करना चाहिए.

चव्यादि चूर्ण:- यह चूर्ण मोटापे को घटाता है और अग्नि को प्रदीप्त करता है. अनेक दोषनाशक और बलवर्धक गुणों से भरपूर है. यह चव्य, चीते की जड़, त्रिकटु, हींग और काली मिर्च का मिश्रित चूर्ण है.

इसको 1 माशा तक जौ के सत्तू में मिलाकर मोटापे के शिकार व्यक्ति को सेवन करना चाहिए तथा इसके ऊपर दही के पानी पीना चाहिए.

विशेष:- आयुर्वेद शास्त्रानुसार जौ की मात्रा 16 तोला लिखी है लेकिन जितनी मात्रा में रोगी सेवन कर सके उतने ही जौ के सत्तू लेकर दवा मिलाकर सेवन कर लें. आहार में उस दिन रोगी को अन्नआदि का भोजन ना दें.

मोटापा कम करने की दवाई 


आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में मोटापा कम करने के लिए बहुत सारी दवाएं उपलब्ध है जिनका डॉक्टर की सलाह से उपयोग करके मोटापा कम किया जा सकता है. कुछ आयुर्वेदिक औषदियां इस प्रकार हैं-

1. ओबेनिल टेबलेट:- इस दवाई का निर्माण चरक फार्मास्यूटिकल्स द्वारा किया जाता है. वयस्कों को 2-2 गोली दिन में 2-3 बार तथा बच्चों को 1-1 टिकिया 2-3 बार दूध के साथ सेवन कराएं.

2. रिडयूसील कैप्सूल:- इस कैप्सूल का निर्माण इंडोजर्मन कंपनी द्वारा किया जाता है. 1-2 कैप्सूल दिन में 1-2 बार भोजन से 30 मिनट पहले गर्म जल के साथ सेवन कराएं.

3. श्लीपदरी कैप्सूल:- निर्माता मिश्रा. 1-2 कैप्सूल दिन में 2-3 बार सेवन करने से मोटापा कम होता है.

इन औषदियों की जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए बताई गई है हमारी आपसे सलाह है कि आप केवल डॉक्टर की सलाह से ही इनका उपयोग करें.

घरेलू उपायों से मोटापा कैसे कम करें 


घरेलू उपायों से मोटापा कम किया जा सकता है, मोटापा कम करने में कारगर कुछ सरल घरेलू उपाय इस प्रकार है

1. शहद और नींबू

गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद, 1 एक चम्मच नींबू का रस और 1 चुटकी काली मिर्च डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें और इस मिश्रण का रोजाना सुबह उठने के बाद खाली पेट सेवन करें. शहद और नींबू का एक साथ उपयोग करने से शरीर में जमा हुई चर्बी ख़तम होने लगती है जिसके परिणामस्वरूप मोटापा घटने लगता है.

2. कढ़ी पत्ता

वजन कम करने के लिए कढ़ी पत्ता बहुत लाभदायक होता है. रोजाना सुबह उठकर कढ़ी पत्ता की चाय पीने से तेजी से वजन घटने लगता है. अगर आप चाहें तो चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें शहद और नींबू भी मिला सकते हैं. इन तीनों का एक साथ उपयोग शरीर के बढ़ते हुए वजन को घटाने में सहायक होता है.

3. गुनगुना पानी

खाना खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से परहेज करें. ठंडा पानी पीने के स्थान पर खाना खाने के आधे घंटे बाद गुनगुना पानी पीने की आदत डालें. ऐसा करने से एक तो शरीर की पाचन प्रणाली ठीक रहती है और दूसरा शरीर पर फालतू चर्बी भी जमा नहीं होती. इसके एलावा सुबह उठकर खाली पेट गुनगुने पानी का सेवन करने से वजन कम होता है.

4. त्रिफला चूर्ण व शहद

रात के समय एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी में भिगो दें. सुबह उठकर इस पानी को छान लें और उसमें शहद में मिलाकर लगातार कुछ दिनों तक इसका सेवन करें. यह घरेलू उपाय मोटापे को तेजी से दूर करने में सहायक होता है.

5. एलोवेरा

एलोवेरा के जूस में 1 चम्मच शहद मिलाकर इसे अच्छी तरह से मिक्स कर लें और रोज़ाना नियमित रूप से इसका सेवन करें. एलोवेरा और शहद का एक साथ सेवन करने से शरीर का metabolic rate बढ़ता है जिसके कारण शरीर में जमा हुई चर्बी कम होने लगती और वजन घटने लगता है. इस मिश्रण से शरीर की पाचन प्रणाली भी ठीक रहती है.


6. अनानास

अनानास मोटापा कम करने के लिए बहुत उपयोगी फल माना जाता है. इसमें क्लोरीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो शरीर में मौजूद जहरीले तत्वों को बाहर निकालकर शरीर में सूजन एवं चर्बी को कम करने में सहायक होती है. अनानास का नियमित रूप से सेवन करने से मोटापा कम होने लगता है.

निष्कर्ष 


स्मरण रहे मोटापा एक ऐसा रोग है जिससे पीड़त व्यक्ति धीरे-धीरे अकर्मण्य (कार्य के अयोग्य) और आलसी बनता जाता है तथा वो उदर सम्बंधी रोगों का शिकार हो जाता है. कब्ज का कष्ट स्थायी हो जाता है, खाया-पिया प्राकृतिक रूप से पचता नहीं है. अरुचि, मंदाग्नि आदि लक्षण उत्पन्न होकर तंत्र शिथिल अशक्त होता है और ऐसी दशा में अन्य अनेकों रोग उत्पन्न हो जाने की आशंका बनी रहती है जैसे वायु (वात) रोग, आमवात, बवासीर, यकृत व प्लीहा रोग, हृदय रोग व मधुमेह (डायबिटीज) आदि.

इसके अतिरिक्त जब मोटापा बढ़ता है तो शरीर में भारीपन शोथ, ग्रंथि शोथ आदि भी उत्पन्न हो सकते है. चिकित्सा की दृष्टि से यह आवश्यक है कि जिस कारण जिस कारण से मोटापा बढ़ा है उस मूल कारण पर ध्यान देकर तथा इलाज करवाकर उसको दूर किया जाए. दोस्तों ये थी मोटापा कैसे कम करें के बारे में पूरी जानकारी जिसमें हमने आपको घरेलू उपायों के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में भी बताया है.दवाओं का प्रयोग केवल डाक्टर की सलाह से करें।

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